परीक्षा पे चर्चा 2026: पीएम मोदी ने छात्रों को दिए नेतृत्व और सफलता के मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के दूसरे सत्र में देशभर के छात्रों से संवाद किया। इस कार्यक्रम में तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। पीएम ने छात्रों के साथ पढ़ाई, समय प्रबंधन, परीक्षा की तैयारी और करियर निर्माण जैसे अहम विषयों पर चर्चा की। उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करने और जीवन में अनुशासन को अपनाने की प्रेरणा दी। खास बात यह रही कि पीएम ने छात्रों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए व्यावहारिक सुझाव भी दिए।

नेतृत्व क्षमता पर पीएम के खास सुझाव

छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सच्चा नेतृत्व वही है जो दूसरों को प्रेरित करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रौद्योगिकी का उपयोग समझदारी से करना चाहिए, न कि उसका गुलाम बनना चाहिए। पीएम के अनुसार, नेतृत्व का पहला गुण है अपने विचारों को कम से कम दस लोगों तक स्पष्ट रूप से पहुंचाने की क्षमता। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे कितनी भी प्रेरणा क्यों न हो, अनुशासन के बिना वह बेकार है। छात्रों को खुद को हर स्थिति में निर्णायक बनाने की सलाह देते हुए पीएम ने कहा कि आत्मविश्वास ही सबसे बड़ी ताकत है।

छात्रों के लिए दस महत्वपूर्ण टिप्स

इस संवाद कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने छात्रों को दस अहम सुझाव दिए, जो उनके जीवन को दिशा दे सकते हैं:

  • समय प्रबंधन: पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के लिए समय का सही विभाजन करें।
  • अनुशासन: बिना अनुशासन के मेहनत और प्रेरणा का कोई लाभ नहीं होता।
  • स्पष्ट संवाद: अपने विचारों को दूसरों तक सरल और स्पष्ट भाषा में पहुंचाएं।
  • प्रौद्योगिकी का सही उपयोग: तकनीक का समझदारी से इस्तेमाल करें, उसके आदी न बनें।
  • सकारात्मक सोच: हर चुनौती का सामना आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण से करें।
  • नेतृत्व कौशल: दूसरों को प्रेरित करने और मार्गदर्शन देने की क्षमता विकसित करें।
  • स्व-अध्ययन: खुद से सीखने और ज्ञान बढ़ाने की आदत डालें।
  • स्वास्थ्य का ध्यान: शारीरिक और मानसिक सेहत को प्राथमिकता दें।
  • संतुलित जीवन: पढ़ाई के साथ खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में संतुलन बनाए रखें।
  • सकारात्मक नेटवर्किंग: अच्छे लोगों से मिलें, विचार साझा करें और उनसे सीखें।

नींद और तनाव प्रबंधन पर सलाह

परीक्षा के तनाव से निपटने के बारे में पीएम ने छात्रों को अच्छी नींद लेने और खूब हंसने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पर्याप्त नींद लेने से दिमाग में ताजगी बनी रहती है और नए विचार आते हैं। तनाव को दूर रखने के लिए उन्होंने छात्रों को हंसने और खुश रहने की आदत डालने को कहा। पीएम ने इस बात पर जोर दिया कि मानसिक स्वास्थ्य उतना ही जरूरी है जितना शारीरिक स्वास्थ्य, और छात्रों को दोनों का ध्यान रखना चाहिए।

एआई और तकनीक के बढ़ते उपयोग पर पीएम की राय

एक छात्र ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। इस पर पीएम ने कहा कि किसी भी चीज से डरना नहीं चाहिए, बल्कि उसे समझदारी से अपनाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक का गुलाम बनने की बजाय उसे अपने काम में मूल्य वृद्धि के लिए इस्तेमाल करना चाहिए। पीएम ने यह भी कहा कि आजकल कई बच्चों के लिए मोबाइल उनका मालिक बन गया है, जो सही नहीं है। उन्होंने छात्रों को तकनीक पर नियंत्रण रखने और स्वयं निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने की सलाह दी। पीएम के अनुसार, एआई का उपयोग केवल वैल्यू एडिशन के लिए करना चाहिए, न कि उस पर पूरी तरह निर्भर हो जाना चाहिए।