फोनपे का नया एआई फीचर: अब आवाज और टेक्स्ट से होंगे पेमेंट

डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में एक और बड़ा बदलाव आ रहा है। फोनपे ने माइक्रोसॉफ्ट फाउंड्री के सहयोग से एक नया एआई-संचालित नेचुरल लैंग्वेज सर्च फीचर लॉन्च किया है। यह सुविधा उपयोगकर्ताओं को सामान्य बोलचाल की भाषा में आवाज या टेक्स्ट कमांड के जरिए एप्लिकेशन का उपयोग करने की अनुमति देगी। अब आप बिना किसी जटिल मेनू को समझे, सीधे अपने इरादे बता सकते हैं और काम पूरा कर सकते हैं।

कंपनी के अनुसार, यह फीचर डिजिटल पेमेंट को और अधिक सरल, तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। पारंपरिक मेन्यू-आधारित नेविगेशन की जगह अब इंटेंट-आधारित रूटिंग काम करेगी। इसका मतलब है कि आप जो कहेंगे या लिखेंगे, एप उसी के अनुसार कार्रवाई करेगा। उदाहरण के लिए, अगर आप “हेमंत को 20 रुपये भेजो” कहते हैं, तो सीधे भुगतान स्क्रीन खुल जाएगी और सही रिसीवर पहले से चयनित होगा। इसी तरह, “फास्टटैग रिचार्ज” या “सोने का भाव” टाइप करने पर आप सीधे संबंधित सेवा या जानकारी वाले पेज पर पहुंच जाएंगे।

कैसे काम करेगा यह नया टूल?

यह टूल केवल सर्च तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उपयोगकर्ता के इरादे को समझकर भुगतान, खरीदारी या सहायता से जुड़े कामों को पूरा करता है। यह एक ऑन-डिवाइस और क्लाउड-आधारित हाइब्रिड मॉडल पर काम करता है, जिससे उपयोगकर्ता का कोई भी निजी या लेन-देन का डेटा फोनपे के सुरक्षित वातावरण से बाहर नहीं जाता। यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से पूरे भारत में लागू की जाएगी और एप के ग्लोबल सर्च बार, हेल्प सेंटर और हिस्ट्री टैब के जरिए उपलब्ध होगी।

डिजिटल पेमेंट में एक नया अध्याय

फोनपे के संस्थापक और सीटीओ राहुल चारी ने इस लॉन्च को पेमेंट एप्स को केवल लेन-देन तक सीमित रखने की सोच से आगे बढ़ने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि एआई की मदद से कंपनी ऐसा इंटरफेस बना रही है, जो उपयोगकर्ता की जरूरतों को पहले ही समझ ले। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और साउथ एशिया के अध्यक्ष पुनीत चंडोक ने कहा कि भारत में नेचुरल लैंग्वेज इंटरफेस तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं और यह सहयोग डिजिटल पेमेंट को अधिक सहज और सुलभ बनाएगा।

2016 में स्थापित फोनपे के पास सितंबर 2025 तक 65 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड उपयोगकर्ता और 4.7 करोड़ से ज्यादा व्यापारी आउटलेट्स का नेटवर्क है। यह नया फीचर न केवल तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने में भी मददगार साबित होगा।