परीक्षा पे चर्चा 2026: पीएम मोदी का छात्रों को डिजिटल संतुलन और तनाव प्रबंधन का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रसिद्ध कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ के 2026 संस्करण का दूसरा एपिसोड हाल ही में जारी हुआ। बोर्ड परीक्षाओं के दौरान बढ़ते मानसिक दबाव के मद्देनजर इस सत्र का उद्देश्य छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को प्रेरित करना तथा तनाव कम करने के उपाय सुझाना है। इस बार पीएम ने तमिलनाडु के विद्यार्थियों से बातचीत शुरू की और उन्हें तमिल भाषा में संबोधित कर कार्यक्रम को विशेष बनाया।
डिजिटल युग की चुनौतियों पर चर्चा
इस एपिसोड में पीएम मोदी ने परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ डिजिटल दौर की नई चुनौतियों पर भी गहराई से बात की। उन्होंने छात्रों को सोशल मीडिया और पढ़ाई के बीच सही संतुलन बनाने के तरीके समझाए। उनका कहना था कि तकनीक का उपयोग समझदारी और सीमित रूप से होना चाहिए। कार्यक्रम में अभिभावकों की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया। उन्होंने माता-पिता से बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालने और उनके सहयोगी बनने का आग्रह किया।
एआई के बढ़ते उपयोग पर पीएम की सलाह
एक छात्र ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। इस पर प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि नई तकनीकों से डरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें अपने विकास के लिए सही तरीके से अपनाना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि तकनीक जीवन को सरल बनाने का एक माध्यम है, लेकिन इस पर नियंत्रण हमेशा मनुष्य के पास ही रहना चाहिए। उन्होंने छात्रों को मोबाइल और डिजिटल उपकरणों के गुलाम न बनने की सलाह दी।
नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर जोर
नींद और मानसिक स्वास्थ्य के विषय पर बात करते हुए पीएम मोदी ने छात्रों को नियमित रूप से पर्याप्त आराम करने, हंसते रहने और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अच्छी नींद से मस्तिष्क तरोताजा रहता है और नए विचारों को जन्म देने में मदद मिलती है। इसके अलावा, उन्होंने छात्रों को सिर्फ पढ़ने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय लिखने की आदत विकसित करने पर जोर दिया। उनका मानना था कि लिखने से विचार स्पष्ट होते हैं और आत्मविश्वास बढ़ता है।
सफल लोगों के संघर्ष से प्रेरणा लेना
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सफल व्यक्तियों की ऊंचाई देखकर घबराने के बजाय उनकी यात्रा की शुरुआत और संघर्षों को समझना चाहिए। उन्होंने छात्रों को अपने सपनों का पीछा करने और आत्मविश्वास बनाए रखने का संदेश दिया। उनके अनुसार, सफलता की राह में असफलताएं आएंगी, लेकिन उनसे सीखकर आगे बढ़ना ही असली जीत है।
यह सत्र उन सभी विद्यार्थियों के लिए एक मार्गदर्शक साबित हो सकता है जो परीक्षा के दबाव और डिजिटल दुनिया की भागदौड़ के बीच संतुलन खोजने का प्रयास कर रहे हैं। पीएम ने छात्रों को तकनीक का सही उपयोग, नियमित नींद, और सकारात्मक सोच के महत्व को समझाकर एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान किया।