पराग अग्रवाल: ट्विटर से निकाले जाने के बाद अब 19,000 करोड़ की AI कंपनी के मालिक
टेक्नोलॉजी की दुनिया में कभी-कभी ऐसी कहानियाँ सामने आती हैं जो हार के बाद जीत का नया उदाहरण पेश करती हैं। ऐसी ही एक प्रेरक गाथा है पराग अग्रवाल की, जिन्हें एक समय एलन मस्क ने ट्विटर के सीईओ पद से बर्खास्त कर दिया था। आज वही पराग अपनी नई एआई कंपनी ‘पैरेलल वेब सिस्टम्स’ के साथ चर्चा में हैं, जिसकी वैल्यूएशन 19,020 करोड़ रुपये को पार कर गई है।
ट्विटर से बर्खास्तगी और नई शुरुआत
पराग अग्रवाल ने 2021 से 2022 तक ट्विटर के सीईओ के रूप में कार्य किया था। ट्विटर के सह-संस्थापक जैक डॉर्सी ने उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी थी। हालांकि, जब एलन मस्क ने 44 अरब डॉलर में ट्विटर का अधिग्रहण किया, तो उन्होंने सबसे पहले पराग को कंपनी से बाहर का रास्ता दिखाया। यह घटना दुनियाभर में सुर्खियों का विषय बनी। कई लोगों ने पराग का समर्थन किया, लेकिन उन्होंने बिना किसी विवाद के शालीनता से कंपनी छोड़ दी। कुछ वर्षों की शांति के बाद, अब वह अपनी एआई कंपनी के जरिए वापसी कर रहे हैं और पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं।
सीरीज बी फंडिंग और 19,000 करोड़ की वैल्यूएशन
पराग ने 2023 में पैरेलल वेब सिस्टम्स की स्थापना की थी। हाल ही में इस एआई स्टार्टअप ने सीरीज बी फंडिंग राउंड में 100 मिलियन डॉलर (लगभग 830 करोड़ रुपये) जुटाए हैं। इस निवेश के साथ कंपनी की कुल वैल्यूएशन 2 बिलियन डॉलर यानी लगभग 19,020 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व प्रसिद्ध वैश्विक निवेश फर्म सिकोइया कैपिटल ने किया। इससे पहले भी क्लेनर पर्किन्स, इंडेक्स वेंचर्स, खोसला वेंचर्स और फर्स्ट राउंड कैपिटल जैसी बड़ी निवेश कंपनियां इस स्टार्टअप में निवेश कर चुकी हैं। अब तक कंपनी ने कुल 230 मिलियन डॉलर की पूंजी जुटाई है। कंपनी इस नई रकम का उपयोग मुख्य रूप से अनुसंधान और विकास (R&D) को गति देने, मार्केटिंग बढ़ाने और बिक्री को मजबूत करने में करेगी।
पैरेलल वेब सिस्टम्स का उद्देश्य
अब सवाल उठता है कि पराग की यह कंपनी ऐसा क्या खास कर रही है जो निवेशकों को आकर्षित कर रहा है? सीधे शब्दों में कहें तो पैरेलल वेब सिस्टम्स एआई एजेंट्स के लिए बुनियादी ढांचा तैयार कर रही है। ये ऐसे स्वतंत्र सॉफ्टवेयर सिस्टम हैं जो इंसानों की तरह खुद से कई काम कर सकते हैं। आम एआई सिस्टम केवल पहले से फीड किए गए डेटा पर निर्भर होते हैं, लेकिन पराग की कंपनी ऐसे टूल बना रही है जो एआई को लाइव इंटरनेट से जोड़ते हैं। ये टूल एआई को रियल-टाइम जानकारी निकालने और जटिल कार्यों को पूरा करने में सक्षम बनाते हैं। कंपनी कई प्रकार के एपीआई (API) प्रदान करती है, जिनकी मदद से एआई वेबसाइटों से डेटा एकत्र कर सकता है और ऑनलाइन कामों को स्वचालित रूप से पूरा कर सकता है।
कॉरपोरेट जगत में बढ़ता प्रभाव
पैरेलल वेब सिस्टम्स की तकनीक का असर अब कॉरपोरेट क्षेत्र में दिखने लगा है। कंपनी के टूल्स की मदद से एआई सिस्टम अब निम्नलिखित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं:
- कानूनी मामलों की जांच और रिसर्च
- निवेश से जुड़ी गहरी विश्लेषण प्रक्रिया
- बीमा दावों का त्वरित निपटारा
- सरकारी ठेकों से जुड़े जटिल कार्य
पहले जिन कामों के लिए इंसानों को इंटरनेट पर घंटों बिताने पड़ते थे, अब वे तेजी और सटीकता से पूरे हो रहे हैं। उदाहरण के लिए, हार्वे (Harvey) नाम का एक कानूनी एआई स्टार्टअप पराग की कंपनी की तकनीक का उपयोग कर रहा है, ताकि उसके एआई एजेंट कानूनी रिसर्च के लिए इंटरनेट डेटा को बेहतर ढंग से समझ सकें।
एक लाख से अधिक डेवलपर्स का विश्वास
महज एक वर्ष पुरानी इस कंपनी ने शानदार प्रगति की है। एक लाख से अधिक डेवलपर्स इसके प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं। इन ग्राहकों में नोशन, क्ले और ओपनडोर जैसी प्रसिद्ध कंपनियों के साथ-साथ कई बड़े बैंक, हेज फंड और फॉर्च्यून 100 में शामिल कंपनियां शामिल हैं। फिलहाल कंपनी में लगभग 50 कर्मचारी कार्यरत हैं। कंपनी का मुख्य ध्यान अब बड़े कॉरपोरेट ग्राहकों को जोड़ने पर है, जहां लॉन्ग-होराइजन एआई एजेंट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। ये ऐसे स्मार्ट सिस्टम हैं जो बैकग्राउंड में लंबे समय तक काम करते हैं और बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के कई चरणों वाले जटिल कार्यों को पूरा कर सकते हैं।