संसदीय पैनल ने सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग और त्रिभाषा फॉर्मूले की समीक्षा के लिए बुलाई बैठक
संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी स्थायी समिति ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई के वरिष्ठ अधिकारियों को 2 जून को तलब किया है। इस बैठक में कक्षा 12 की परीक्षाओं में लागू ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली, परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों को हुई कठिनाइयों और कक्षा 9-10 में त्रिभाषा फार्मूले के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा होगी। राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी नोटिस में यह जानकारी दी गई है।
ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली पर होगी गहन समीक्षा
समिति ने स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार और सीबीएसई अध्यक्ष राहुल सिंह को बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। इस सत्र में कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं में ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली के उपयोग और उससे जुड़ी समस्याओं की समीक्षा की जाएगी।
हाल ही में कक्षा 12 के परिणामों के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान छात्रों और अभिभावकों को कई तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। भुगतान में विफलता, पोर्टल तक पहुंच में बाधा और अन्य तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर सीबीएसई को व्यापक नाराजगी झेलनी पड़ी थी। समिति इन्हीं मुद्दों को गहराई से समझने और उनके समाधान पर चर्चा करेगी।
कक्षा 9-10 में त्रिभाषा फार्मूले पर बहस
समिति कक्षा 9 और 10 में लागू किए जा रहे त्रिभाषा फार्मूले पर भी चर्चा करेगी। इस संसदीय पैनल की अध्यक्षता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह कर रहे हैं।
सीबीएसई ने 1 जुलाई से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत छात्रों को कम से कम दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन करना अनिवार्य होगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जब तक तीसरी भाषा की नई पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं हो जातीं, तब तक छात्र चुनी गई भाषा की कक्षा 6 की पुस्तकों के 2026-27 संस्करण का उपयोग कर सकेंगे।
यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्कूल शिक्षा के राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे 2023 के अनुरूप किया जा रहा है। हालांकि, तमिलनाडु सरकार ने इस फार्मूले का कड़ा विरोध किया है। राज्य सरकार का मानना है कि इससे गैर-हिंदी भाषी राज्यों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और क्षेत्रीय भाषाई पहचान कमजोर होगी। तमिलनाडु लंबे समय से तमिल और अंग्रेजी पर आधारित द्विभाषा नीति का पालन करता आ रहा है।
1 जून को भी होगी अहम बैठक
राज्यसभा सचिवालय के नोटिस के अनुसार, संसदीय समिति 1 जून को भी बैठक करेगी। सुबह 10 बजे होने वाली इस बैठक में शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित अनुदान मांग रिपोर्ट पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।
इसके बाद सुबह 11 बजे समिति उच्च शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिवों, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी के महानिदेशक, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट के प्रतिनिधियों और भारतीय वायुसेना के पूर्व आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. गुलशन गर्ग के साथ बैठक करेगी। इस सत्र में लिखित परीक्षा और कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली के बीच अंतर तथा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी।
नीट-यूजी परीक्षा रद्द होने का मामला भी शामिल
समिति ने इससे पहले 21 मई को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में सुधारों के क्रियान्वयन, नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले और राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों की समीक्षा को लेकर बैठक की थी।
मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित नीट-यूजी परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। फिलहाल मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। रद्द हुई परीक्षा के स्थान पर दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।