OpenAI का ‘केवल मानव’ सोशल नेटवर्क: Face ID से सत्यापन, X और इंस्टाग्राम को चुनौती

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुकी OpenAI अब सोशल मीडिया की दुनिया में कदम रखने जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी एक ऐसे सोशल नेटवर्क पर काम कर रही है जहां बॉट अकाउंट्स को कोई स्थान नहीं दिया जाएगा। सैम ऑल्टमैन के नेतृत्व वाली यह AI कंपनी अपने प्लेटफॉर्म को पूरी तरह ‘मानव-केंद्रित’ बनाना चाहती है, ताकि यह X (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम और टिकटॉक जैसे मौजूदा प्लेटफॉर्म्स से अलग दिख सके।

क्या है खास योजना?

फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह सोशल नेटवर्क अभी शुरुआती चरण में है और इसे 10 से भी कम सदस्यों की एक छोटी टीम विकसित कर रही है। इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां केवल वास्तविक इंसानों को ही खाता बनाने की अनुमति मिलेगी। OpenAI इस प्रोजेक्ट के जरिए ChatGPT और Sora जैसे अपने लोकप्रिय एप्लिकेशन की सफलता का लाभ उठाने की कोशिश कर रही है।

बॉट्स की समस्या का समाधान

रिपोर्ट में बताया गया है कि OpenAI इस सोशल नेटवर्क में बायोमेट्रिक पहचान को शामिल करने पर विचार कर रही है। इसके तहत उपयोगकर्ताओं से ‘मानव होने का प्रमाण’ मांगा जा सकता है। इसके लिए एप्पल के Face ID या फिर World Orb का उपयोग किया जा सकता है। World Orb एक विशेष प्रकार का आईरिस स्कैनर है, जो आंखों की पुतली के जरिए हर व्यक्ति की अनूठी पहचान बनाता है। यह प्रणाली Tools for Humanity नामक कंपनी द्वारा संचालित की जाती है, जिसे सैम ऑल्टमैन ने ही स्थापित किया था और वे इसके अध्यक्ष भी हैं।

बॉट्स: एक पुरानी समस्या

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बॉट अकाउंट्स लंबे समय से एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। ये खाते अक्सर क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें बढ़ाने, नफरत फैलाने वाली सामग्री को बढ़ावा देने या जनमत को गुमराह करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। ट्विटर पर यह समस्या तब और बढ़ गई जब एलन मस्क ने कंपनी खरीदी, इसका नाम X रखा और लगभग 80 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी कर दी। इससे ट्रस्ट और सेफ्टी टीम भी कमजोर हो गई। हालांकि मस्क ने बॉट्स के खिलाफ अभियान चलाया और 2025 में लगभग 17 लाख बॉट अकाउंट्स हटाए गए, लेकिन इसके बावजूद समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

सैम ऑल्टमैन की चिंता

सैम ऑल्टमैन खुद 2008 से X पर सक्रिय उपयोगकर्ता रहे हैं और कई बार बॉट्स को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। सितंबर 2025 में उन्होंने लिखा था कि AI से भरे Twitter और Reddit अब पहले जैसे वास्तविक नहीं लगते। हाल ही में उन्होंने ‘डेड इंटरनेट थ्योरी’ का जिक्र करते हुए कहा कि अब सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में AI द्वारा संचालित खाते दिखाई देने लगे हैं। इंस्टाग्राम प्रमुख एडम मोसेरी ने भी दिसंबर 2025 में कहा था कि सोशल मीडिया फीड्स धीरे-धीरे ‘सिंथेटिक कंटेंट’ से भरती जा रही हैं।

फेसबुक और लिंक्डइन से अलग

फेसबुक और लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म पहचान प्रमाण के लिए फोन नंबर, ईमेल और व्यवहारिक संकेतों का उपयोग करते हैं, लेकिन वे बायोमेट्रिक पहचान नहीं अपनाते। OpenAI का तरीका इससे भिन्न हो सकता है। हालांकि, गोपनीयता विशेषज्ञों ने World Orb जैसी तकनीक पर चिंता व्यक्त की है, क्योंकि आईरिस स्कैन को बदला नहीं जा सकता और गलत हाथों में पड़ने पर यह खतरा पैदा कर सकता है।

लॉन्च की संभावना

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि OpenAI का यह सोशल नेटवर्क उसके मौजूदा उत्पादों से कैसे जुड़ेगा, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार, उपयोगकर्ताओं को AI की मदद से वीडियो और इमेज जैसी सामग्री बनाने की सुविधा मिल सकती है। अभी इसकी लॉन्च टाइमलाइन तय नहीं है और सार्वजनिक रिलीज से पहले इसमें कई बदलाव भी हो सकते हैं।