भारत में ओपनएआई का बड़ा विस्तार, मुंबई और बंगलूरू में खुलेंगे नए कार्यालय

अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी ओपनएआई ने भारत में अपने विस्तार को लेकर एक बड़ी घोषणा की है। कंपनी वर्ष 2026 के दौरान मुंबई और बंगलूरू में नए कार्यालय खोलने जा रही है। यह कदम देश में ओपनएआई की उपस्थिति को और अधिक मजबूत बनाएगा। यह घोषणा दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 के दौरान की गई, जहां कंपनी ने ‘ओपनएआई फॉर इंडिया’ नामक एक नई पहल भी शुरू की है। वर्तमान में कंपनी का भारत में एकमात्र कार्यालय नई दिल्ली में स्थित है, और नए कार्यालयों का उद्देश्य व्यवसायों, डेवलपर्स और शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग को बढ़ावा देना है।

दिल्ली में पहला कार्यालय, अब दो और शहरों में विस्तार

ओपनएआई ने अगस्त 2025 में भारत में अपना पहला आधिकारिक कार्यालय नई दिल्ली में स्थापित किया था। दिल्ली को इसलिए चुना गया ताकि सरकार और नीति-निर्माताओं के साथ मिलकर एआई के भविष्य को आकार दिया जा सके। अब कंपनी के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने घोषणा की है कि जल्द ही बंगलूरू और मुंबई में भी नए कार्यालय खोले जाएंगे। भारत में ओपनएआई के संचालन का नेतृत्व प्रज्ञा मिश्रा कर रही हैं, जो सार्वजनिक नीति प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा, राघव गुप्ता को भारत और एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र के लिए शिक्षा वर्टिकल का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि भारत अब अमेरिका के बाद ओपनएआई का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन चुका है।

भारत बना ओपनएआई का प्रमुख बाजार

ओपनएआई के अनुसार, भारत उसके सबसे बड़े और सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक बन गया है। कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में चैटजीपीटी के साप्ताहिक उपयोगकर्ताओं की संख्या 10 करोड़ से अधिक हो गई है, जो देश में एआई के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है। सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि भारत एआई को अपनाने के मामले में अग्रणी देशों में शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी का लक्ष्य भारत में एआई विकास को समर्थन देने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार करना और मजबूत साझेदारियां स्थापित करना है। हालांकि, कंपनी ने अभी नए कार्यालयों के खुलने की सटीक तारीख या भर्ती से संबंधित विवरण साझा नहीं किए हैं, लेकिन यह विस्तार स्पष्ट संकेत देता है कि ओपनएआई भारत में दीर्घकालिक निवेश और मजबूत उपस्थिति बनाए रखने की योजना बना रहा है।

टाटा ग्रुप के साथ डेटा सेंटर साझेदारी

ओपनएआई ने टाटा ग्रुप के साथ मिलकर भारत में एआई-रेडी डेटा सेंटर बुनियादी ढांचा विकसित करने की घोषणा की है। इस साझेदारी के तहत, ओपनएआई टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के हाइपरवॉल्ट डेटा सेंटर का पहला ग्राहक बनेगा। इस परियोजना की शुरुआत 100 मेगावाट क्षमता के साथ होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 1 गीगावाट तक किया जा सकता है। इस डेटा सेंटर का मुख्य उद्देश्य ओपनएआई के उन्नत एआई मॉडलों को भारत में सुरक्षित और स्थानीय स्तर पर संचालित करना है, जिससे डेटा सुरक्षा, डेटा रेजिडेंसी और नियामकीय आवश्यकताओं का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

टाटा ग्रुप में चैटजीपीटी एंटरप्राइज और कोडेक्स का उपयोग

इस साझेदारी के अंतर्गत, टाटा ग्रुप आने वाले वर्षों में अपने कर्मचारियों के लिए चैटजीपीटी एंटरप्राइज को लागू करेगा। इसकी शुरुआत टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के कर्मचारियों से की जाएगी। इसके अलावा, टीसीएस अपने सॉफ्टवेयर विकास कार्यों में ओपनएआई के कोडेक्स टूल्स का उपयोग करेगा, जिससे कोडिंग प्रक्रिया अधिक तेज, कुशल और उत्पादक बनने की उम्मीद है।

शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष जोर

ओपनएआई ने भारत में अपने प्रमाणन कार्यक्रमों का विस्तार करने की भी घोषणा की है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) अमेरिका के बाहर ओपनएआई प्रमाणन अपनाने वाली पहली संस्था बनेगी। इसके अलावा, ओपनएआई ने भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद (आईआईएम अहमदाबाद) और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली सहित कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी की घोषणा की है। इसका उद्देश्य छात्रों और पेशेवरों के बीच एआई कौशल को बढ़ावा देना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है।

भारत के एआई भविष्य के लिए अहम कदम

ओपनएआई का यह विस्तार भारत के एआई पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नए कार्यालयों, डेटा सेंटर बुनियादी ढांचे, एंटरप्राइज उपयोग और शिक्षा साझेदारियों के माध्यम से देश में एआई अनुसंधान, स्टार्टअप्स और डिजिटल नवाचार को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह पहल भारत को वैश्विक एआई केंद्र बनने की दिशा में और मजबूती प्रदान कर सकती है, साथ ही देश को उभरती एआई अर्थव्यवस्था में एक प्रमुख भूमिका निभाने में मदद कर सकती है।