चीन ने एनवीडिया H200 चिप पर लगाई सख्त शर्तें, घरेलू कंपनियों को मिल रही प्राथमिकता
एनवीडिया के सीईओ जेंसन हुआंग को चीन से जिस तरह के स्वागत की उम्मीद थी, वह शायद उन्हें नहीं मिल रहा है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, चीनी सरकार ने अपनी तकनीकी कंपनियों के लिए एनवीडिया के H200 एआई चिप के उपयोग पर कड़ी और अस्पष्ट शर्तें लागू कर दी हैं। यह कदम चीन की उस रणनीति को दर्शाता है जिसमें वह अमेरिका के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा में घरेलू उद्योग को बढ़ावा देना चाहता है। इससे एनवीडिया के लिए चीनी बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना मुश्किल होता दिख रहा है।
सरकार का अस्पष्ट निर्देश
एक प्रमुख रिपोर्ट के अनुसार, चीनी सरकार ने कुछ चुनिंदा टेक कंपनियों को स्पष्ट कर दिया है कि वे एनवीडिया के H200 चिप की खरीद को केवल ‘विशेष परिस्थितियों’ में ही मंजूरी देंगी। इन विशेष परिस्थितियों में मुख्य रूप से विश्वविद्यालयों से जुड़े शोध कार्य शामिल हैं। सरकार ने एक ऐसा निर्देश जारी किया है जिसे जानबूझकर अस्पष्ट रखा गया है। कंपनियों से कहा गया है कि वे चिप तभी खरीदें जब वह ‘जरूरी’ हो, लेकिन इस ‘जरूरी’ की कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं दी गई है। यह कदम बताता है कि चीन अमेरिकी चिप निर्माता एनवीडिया के लिए अपने बाजार को पूरी तरह से खोलने में अभी भी सतर्क है। ऐसी भी खबरें हैं कि चीनी सरकार इस निर्देश को और अधिक कंपनियों तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त बैठकें कर सकती है।
घरेलू चिप निर्माताओं को मिल रहा बढ़ावा
यह खबर उस रिपोर्ट के बाद आई है जिसमें दावा किया गया था कि चीन ने कुछ कंपनियों को H200 चिप के ऑर्डर रोकने का निर्देश दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू चिप निर्माताओं को प्राथमिकता देना है। चीन एआई के क्षेत्र में अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है और खुद को एक आत्मनिर्भर तकनीकी शक्ति के रूप में स्थापित करना चाहता है। सरकार की यह नीति सीधे तौर पर एनवीडिया जैसी विदेशी कंपनियों के लिए चुनौती पेश करती है।
भुगतान शर्तों को लेकर विवाद
हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि एनवीडिया चीनी कंपनियों के लिए सख्त भुगतान नियम लागू कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, बाजार में अनिश्चितता को देखते हुए, एनवीडिया चीनी ग्राहकों से H200 चिप के लिए पूरा भुगतान अग्रिम मांग रहा था। हालांकि, एनवीडिया ने इस दावे का खंडन किया है। कंपनी ने अपने बयान में स्पष्ट किया, ‘हम कभी भी ग्राहकों से उन उत्पादों के लिए भुगतान करने की मांग नहीं करेंगे जो उन्हें प्राप्त नहीं हुए हैं।’ इस बयान ने भुगतान शर्तों को लेकर उठ रहे सवालों को कुछ हद तक शांत किया है।
जेंसन हुआंग के दावे और जमीनी हकीकत
एनवीडिया के सीईओ जेंसन हुआंग ने हाल ही में दावा किया था कि उन्हें चीन से H200 चिप के लिए भारी ऑर्डर मिले हैं। रिपोर्टों के अनुसार, चीनी कंपनियों ने 20 लाख से अधिक H200 चिप के ऑर्डर दिए हैं। एक H200 चिप की कीमत लगभग 27,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 22-23 लाख रुपये) है। यह मांग एनवीडिया के पास मौजूद 700,000 चिप के स्टॉक से कहीं अधिक है। हालांकि, असली समस्या यह है कि भले ही हुआवेई जैसी चीनी कंपनियों ने असेंड 910C जैसे एआई प्रोसेसर विकसित कर लिए हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर उन्नत एआई मॉडल के प्रशिक्षण के मामले में वे अभी भी एनवीडिया के H200 से प्रदर्शन में पीछे हैं। यह तकनीकी अंतर ही एनवीडिया के लिए चीनी बाजार में एकमात्र उम्मीद की किरण है, लेकिन सरकार की सख्त नीतियों के कारण यह उम्मीद भी धूमिल होती दिख रही है।