NEET-UG पुनः परीक्षा से पहले देशभर में मॉक ड्रिल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने NEET-UG 2026 की पुनः परीक्षा से पहले शनिवार को देशभर में मॉक ड्रिल आयोजित कर सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। रविवार को आयोजित होने वाली इस परीक्षा में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है।
यह परीक्षा पहले पेपर लीक के आरोपों के कारण रद्द कर दी गई थी और अब लगभग सात सप्ताह बाद दोबारा आयोजित की जा रही है। परीक्षा का आयोजन भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक किया जाएगा।
दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए विशेष प्रबंध
पुनः परीक्षा में दिव्यांग (PwD/PwBD) उम्मीदवारों के लिए विशेष सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। अतिरिक्त समय के पात्र अभ्यर्थी शाम 6:20 बजे तक परीक्षा दे सकेंगे। सभी उम्मीदवारों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे के बीच अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। एजेंसी के अनुसार, प्रवेश द्वार ठीक दोपहर 1:30 बजे बंद कर दिए जाएंगे और उसके बाद किसी भी परिस्थिति में किसी उम्मीदवार को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
परीक्षा के लिए एनटीए की विस्तृत तैयारी
एनटीए ने पुनः परीक्षा को सुचारू और सुरक्षित रूप से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला प्रशासन, पुलिस बल और विशेष एस्कॉर्ट टीमों को तैनात किया गया है ताकि गोपनीय परीक्षा सामग्री सुरक्षित रूप से परीक्षा केंद्रों तक पहुंच सके। परीक्षा की निगरानी के लिए 674 सिटी कोऑर्डिनेटर और 6,669 ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं, जो पूरे आयोजन पर कड़ी नजर रखेंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
NEET-UG 2026 की पुनः परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए हर परीक्षा केंद्र पर सेंटर सुपरिटेंडेंट और इनविजिलेटर तैनात किए गए हैं। एनटीए के अनुसार, पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों सहित 2 लाख से अधिक कर्मचारियों को परीक्षा ड्यूटी में लगाया गया है। सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए पहली बार प्रश्न-पत्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने में भारतीय वायु सेना की सहायता भी ली जा रही है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा के लिए कई उच्चस्तरीय बैठकें की हैं। एनटीए ने अभ्यर्थियों तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए एक आधिकारिक व्हाट्सएप चैनल शुरू किया है। एजेंसी ने छात्रों को सोशल मीडिया पर फैल रहे पेपर लीक, फर्जी आंसर-की या पैसे लेकर परीक्षा में मदद दिलाने जैसे दावों पर भरोसा न करने की सलाह दी है।
परीक्षा की निष्पक्षता के लिए विशेष उपाय
परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एनटीए ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है:
- प्रश्न पत्र और अन्य गोपनीय सामग्री को सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत संभाला जाएगा।
- परीक्षा सामग्री ले जाने वाली गाड़ियों में जीपीएस ट्रैकिंग और पुलिस एस्कॉर्ट की व्यवस्था रहेगी।
- सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी, जो केंद्रीय कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे।
- फर्जी अभ्यर्थियों को रोकने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा।
- सत्यापन प्रक्रिया को तेज बनाने के लिए अतिरिक्त बायोमेट्रिक मशीनें और प्रशिक्षित कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
- गर्मी को देखते हुए सभी केंद्रों पर बिजली, पंखे, पर्याप्त रोशनी, पीने का पानी, साफ-सफाई और मेडिकल सहायता की व्यवस्था की गई है।
- अभ्यर्थियों को पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति होगी।
- मधुमेह से पीड़ित उम्मीदवार एनटीए के नियमों के अनुसार शुगर टैबलेट और केला, सेब, संतरा जैसे फल साथ ला सकेंगे।
- एनटीए ने उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र का पता पहले से जांचने और समय पर पहुंचने की सलाह दी है।
- पारंपरिक या धार्मिक पोशाक पहनने वाले अभ्यर्थियों को जांच प्रक्रिया के लिए थोड़ा पहले पहुंचने को कहा गया है।
राज्यों और मेडिकल कॉलेजों में अलर्ट
NEET-UG 2026 की पुनः परीक्षा को देखते हुए कई राज्यों ने अभ्यर्थियों की सहायता के लिए विशेष कदम उठाए हैं। कुछ राज्यों में उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुंचाने और यात्रा संबंधी परेशानी कम करने के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है।
वहीं, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने अपने अधीन सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को 20 और 21 जून को छात्रों को छुट्टी नहीं देने का निर्देश दिया है, सिवाय अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों के। यह निर्णय उन मामलों के बाद लिया गया है जिनमें कुछ मेडिकल छात्रों के परीक्षा की निष्पक्षता को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में शामिल होने की आशंका जताई गई थी।