CUET UG परीक्षा: तकनीकी गड़बड़ी से प्रभावित 3,765 छात्रों के लिए पुनर्परीक्षा का ऐलान
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) 2026 के दौरान तकनीकी खराबी का सामना करने वाले 3,765 उम्मीदवारों के लिए पुनर्परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह कदम उन अभ्यर्थियों को न्यायसंगत अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जो परीक्षा केंद्रों पर आई तकनीकी समस्याओं के कारण अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर पाए थे।
क्यों हुआ पुनर्परीक्षा का फैसला?
एजेंसी ने शनिवार को जारी एक बयान में बताया कि 30 मई को आयोजित CUET UG 2026 की पहली शिफ्ट के दौरान कई परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी खामियां सामने आईं। इन खामियों के चलते परीक्षा शुरू होने में विलंब हुआ, जिससे बड़ी संख्या में छात्रों को असुविधा और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए NTA ने प्रभावित उम्मीदवारों के लिए विशेष पुनर्परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है।
95 प्रतिशत उम्मीदवारों ने दी परीक्षा
एजेंसी द्वारा प्रदान किए गए आंकड़ों के अनुसार, कुल 73,106 उम्मीदवार विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे थे और उनका बायोमेट्रिक पंजीकरण भी सफलतापूर्वक पूरा हो गया था। इनमें से लगभग 69,341 उम्मीदवारों, यानी करीब 95 प्रतिशत ने बिना किसी बड़ी बाधा के अपनी परीक्षा दे दी। हालांकि, शेष 3,765 उम्मीदवार तकनीकी खराबी के कारण परीक्षा शुरू होने में हुई देरी से निराश होकर बिना परीक्षा दिए ही केंद्र से चले गए।
किन छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका?
NTA ने स्पष्ट किया है कि पुनर्परीक्षा का लाभ केवल उन्हीं उम्मीदवारों को मिलेगा जो परीक्षा केंद्र पर उपस्थित थे, जिनका बायोमेट्रिक पंजीकरण हो चुका था, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण वे परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। एजेंसी ने यह भी आश्वासन दिया है कि पुनर्परीक्षा की तिथि और अन्य आवश्यक जानकारी जल्द ही अधिकारिक माध्यमों से साझा कर दी जाएगी।
छात्रों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
- सभी प्रभावित उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे पुनर्परीक्षा से संबंधित नवीनतम अपडेट के लिए NTA के आधिकारिक पोर्टल और CUET UG वेबसाइट पर नियमित रूप से नज़र रखें।
- परीक्षा से जुड़ी किसी भी समस्या या शिकायत के लिए उम्मीदवार एजेंसी के हेल्प डेस्क से संपर्क कर सकते हैं।
- एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में कठिनाई होने या उसमें किसी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
यह निर्णय NTA द्वारा छात्रहित को ध्यान में रखते हुए लिया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य तकनीकी खामियों के बावजूद सभी अभ्यर्थियों को समान और निष्पक्ष अवसर प्रदान करना है।