नोटपैड++ अपडेट सिस्टम पर साइबर हमला: चीनी हैकर्स का शक

लोकप्रिय ओपन सोर्स टेक्स्ट एडिटर नोटपैड++ के डेवलपर्स ने एक गंभीर सुरक्षा चूक का खुलासा किया है। पिछले साल जून से दिसंबर 2025 के बीच, इस सॉफ्टवेयर का अपडेट सिस्टम हैकर्स के नियंत्रण में रहा। माना जा रहा है कि इस हमले के पीछे चीन से जुड़े हैकर्स का हाथ हो सकता है, जिन्होंने सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए यूजर्स के सिस्टम में घुसपैठ करने की कोशिश की।

हमला कैसे अंजाम दिया गया?

हैकर्स ने नोटपैड++ के पुराने अपडेट टूल, WinGUp, में मौजूद कमजोरियों का फायदा उठाया। सबसे चिंताजनक बात यह है कि उन्होंने सभी यूजर्स को निशाना बनाने के बजाय केवल चुनिंदा लोगों को ही अपना शिकार चुना। जब भी ये यूजर्स सॉफ्टवेयर को अपडेट करने का प्रयास करते, तो उन्हें असली वेबसाइट के बजाय एक नकली और खतरनाक सर्वर पर रीडायरेक्ट कर दिया जाता था।

इस नकली सर्वर से यूजर्स के कंप्यूटर में मैलवेयर युक्त फाइलें डाउनलोड हो जाती थीं। यह सब तब संभव हुआ जब हैकर्स ने उस सर्वर को ही हैक कर लिया, जहां अपडेट फाइलें संग्रहीत थीं। सितंबर 2025 में जब सर्वर को अपडेट किया गया, तो हैकर्स अस्थायी रूप से बाहर हो गए। हालांकि, उनके पास पुराने पासवर्ड और एक्सेस कुंजियां मौजूद थीं, जिनकी मदद से वे दोबारा सिस्टम में घुसने में सफल रहे।

सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम

नोटपैड++ टीम ने पुष्टि की है कि अब यह खतरा पूरी तरह से समाप्त हो चुका है और सिस्टम को पहले से अधिक सुरक्षित बना दिया गया है। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए, कंपनी ने अपने पूरे सिस्टम को एक नए और सुरक्षित सर्वर पर स्थानांतरित कर दिया है। दिसंबर 2025 में जारी नए संस्करण (v8.8.9) में सभी पुरानी कमजोरियों को दूर कर दिया गया है। अब हर फाइल को कंपनी की डिजिटल मुहर के साथ सुरक्षित किया जाता है। आने वाले अपडेट में सुरक्षा जांच को और कड़ा कर दिया जाएगा, ताकि बिना उचित प्रमाणीकरण के कोई भी सॉफ्टवेयर अपडेट न हो सके।

यूजर्स के लिए जरूरी सलाह

सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस हमले के बाद कुछ संस्थानों के सिस्टम में जासूसी की गतिविधियां देखी गई हैं। इसलिए, सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह बेहद आवश्यक है कि आप तुरंत नोटपैड++ को उसके नवीनतम संस्करण में अपडेट कर लें। यदि आप एक डेवलपर हैं, तो सावधानी के तौर पर निम्नलिखित कदम उठाएं:

  • अपने SSH, FTP और डेटाबेस के पासवर्ड तुरंत बदल दें।
  • अपनी वेबसाइट के एडमिन अकाउंट्स की जांच करें और अनावश्यक यूजर्स को हटा दें।
  • भविष्य में सुरक्षा के लिए सॉफ्टवेयर और प्लगइन्स के ऑटो-अपडेट को हमेशा चालू रखें।

हालांकि यह हमला केवल चुनिंदा लोगों पर ही हुआ था, फिर भी अपने सिस्टम की पूरी जांच कर लेना ही समझदारी होगी।