CBSE ने OSM प्रणाली की सुरक्षा का दावा किया, छात्रों के लिए हेल्पलाइन जारी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपनी ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर उठ रहे विवाद के बीच स्पष्ट किया है कि यह डिजिटल मूल्यांकन प्लेटफॉर्म पूरी तरह से सुरक्षित और मजबूत आईटी ढांचे पर आधारित है। बोर्ड ने बताया कि वास्तविक मूल्यांकन पोर्टल में किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक या तकनीकी कमजोरी की कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।

CBSE ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी एक बयान में कहा कि OSM प्लेटफॉर्म को अधिकृत सुरक्षा ऑडिट के माध्यम से जांचा और प्रमाणित किया गया है। बोर्ड के अनुसार, उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग और प्रसंस्करण के लिए मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचा, कई स्तरों पर गुणवत्ता जांच और सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं।

उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा पर जोर

बोर्ड ने छात्रों को संबोधित करते हुए आश्वस्त किया कि सभी उत्तर पुस्तिकाएं सुरक्षित हैं और उन्हें कठोर गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं के तहत संसाधित किया गया है। CBSE ने यह भी कहा कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और हर संभव कदम उठाया जा रहा है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन से जुड़े अनुबंध और OSM प्रणाली में कथित खामियों को लेकर विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर सिस्टम की सुरक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं।

छात्रों के लिए पोस्ट-रिजल्ट सहायता प्रणाली

CBSE ने छात्रों की मदद के लिए 24 घंटे चलने वाली ‘पोस्ट-रिजल्ट सपोर्ट’ प्रणाली शुरू की है, जो हर कदम पर छात्रों का मार्गदर्शन करेगी। मूल्यांकन से जुड़े सवालों और तनाव प्रबंधन के लिए बोर्ड ने एक समर्पित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, जो पूरी तरह से चालू है। इसके अलावा, किसी भी प्रकार की तत्काल सहायता के लिए छात्र आधिकारिक ईमेल चैनलों के माध्यम से भी संपर्क कर सकते हैं।

राहुल गांधी के आरोप और CBSE का जवाब

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले में स्वतंत्र न्यायिक जांच और विशेष जांच दल (SIT) से जांच की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि COEMPT Edutech नाम की कंपनी, जिसे CBSE ने OSM प्रक्रिया का ठेका दिया था, पहले ‘Globarena’ नाम से काम करती थी और तेलंगाना में पहले भी विवादों में रह चुकी है।

राहुल गांधी ने दावा किया था कि तेलंगाना में 2019 और 2023 में OSM से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण छात्रों को नुकसान हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि CBSE के छात्रों और अभिभावकों में तनाव का माहौल है, जबकि सरकार इस मुद्दे पर कोई जवाब नहीं दे रही है।

इन आरोपों पर CBSE ने सभी को भ्रामक और तथ्यहीन बताते हुए खारिज कर दिया। बोर्ड ने कहा कि पूरी प्रक्रिया वित्तीय नियमों के तहत हुई है। बोर्ड के अनुसार, एजेंसी को ठेका देने की प्रक्रिया में सामान्य वित्तीय नियमों (General Financial Rules) का पूरी तरह से पालन किया गया है। CBSE ने बताया कि 2026 की बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन के लिए 28 अगस्त 2025 को केंद्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल पर निविदा (RFP) जारी की गई थी और पात्र बोलीदाता को ही अनुबंध दिया गया।