एनएमसी ने फर्जी पत्र को लेकर जारी की चेतावनी, छात्रों से सावधानी बरतने की अपील
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक फर्जी नोटिस को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। यह पत्र नेशनल एग्जिट टेस्ट (NExT) से जुड़ा हुआ है, जिसमें एमबीबीएस के अंतिम वर्ष की परीक्षा को लागू करने का झूठा दावा किया गया है। एनएमसी ने स्पष्ट किया है कि यह दस्तावेज पूरी तरह से नकली है और इस पर भरोसा न करने की हिदायत दी है।
फर्जी पत्र में क्या किया गया दावा?
1 अप्रैल की तारीख वाले इस कथित पत्र में दावा किया गया था कि NExT परीक्षा को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसमें यह भी उल्लेख था कि 2022 बैच से एमबीबीएस में प्रवेश लेने वाले सभी छात्रों के लिए यह परीक्षा अनिवार्य होगी। पत्र के अनुसार, नेक्स्ट एक ही परीक्षा होगी जो फाइनल एमबीबीएस परीक्षा, चिकित्सा पद्धति के लिए लाइसेंस और स्नातकोत्तर (NEET-PG) प्रवेश के रूप में काम करेगी।
एनएमसी की आधिकारिक प्रतिक्रिया
एनएमसी ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि इस फर्जी पत्र में आयोग के लेटरहेड और द्वारका, दिल्ली के पते का इस्तेमाल किया गया था, जिससे यह असली प्रतीत होता है। आयोग ने स्पष्ट किया कि उसने ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया है और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यह जानकारी पूरी तरह गलत है। आयोग ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू करने की बात कही है।
फर्जी पत्र में और क्या कहा गया था?
इस नकली सर्कुलर में यह भी दावा किया गया था कि नेक्स्ट परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाएगी:
- पहला चरण: सैद्धांतिक ज्ञान पर आधारित परीक्षा
- दूसरा चरण: इंटर्नशिप के बाद क्लिनिकल और प्रैक्टिकल टेस्ट
इसके अलावा, मेडिकल कॉलेजों को अपने पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव करने की सलाह भी दी गई थी। हालांकि, एनएमसी ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
एनएमसी ने सभी छात्रों, अभिभावकों और हितधारकों को सलाह दी है कि वे किसी भी वायरल सूचना को बिना पुष्टि किए सच न मानें। किसी भी नई परीक्षा या नियम से जुड़ी जानकारी के लिए केवल सरकारी और आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर फैलने वाली ऐसी अफवाहों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध पत्र या नोटिस को तुरंत संबंधित अधिकारियों के ध्यान में लाएं।