NEET UG पुनर्परीक्षा 2026: बार-बार पेपर लीक होने से छात्रों में बेचैनी, प्रियंका गांधी ने उठाई सुधार की मांग

देशभर में परीक्षाओं के दौरान प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिसने शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी ने अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह समस्या सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि हर साल लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। उनके अनुसार, छात्रों और उनके परिवारों पर पढ़ाई का जो आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ता जा रहा है, वह अब एक गंभीर सामाजिक संकट का रूप ले चुका है।

छात्रों का बढ़ता मानसिक दबाव और आर्थिक तनाव

प्रियंका गांधी ने स्पष्ट किया कि आज का छात्र अपने सपनों को पूरा करने के लिए भारी मानसिक दबाव में पढ़ाई करता है, लेकिन बार-बार पेपर लीक होने से उसकी मेहनत और समय दोनों बर्बाद हो जाते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कई परिवार अपने बच्चों की शिक्षा के लिए भारी कर्ज लेते हैं और आर्थिक रूप से संघर्ष करते हैं, फिर भी उन्हें निष्पक्ष परिणाम नहीं मिल पाते। यह स्थिति न केवल छात्रों के आत्मविश्वास को तोड़ती है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र पर अविश्वास पैदा करती है।

परीक्षा प्रणाली में व्यवस्थागत सुधार की आवश्यकता

प्रियंका गांधी ने जोर देकर कहा कि पेपर लीक की समस्या को केवल एक घटना मानकर नहीं छोड़ा जा सकता। यह एक व्यवस्थागत खामी है, जिसे जड़ से खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने सभी संबंधित संस्थानों से अपील की कि वे मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें। उनका मानना है कि जब तक परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित नहीं बनाया जाएगा, तब तक छात्रों का शोषण होता रहेगा।

पुनर्परीक्षा की सुरक्षा को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा

नीट यूजी पुनर्परीक्षा 2026 के आयोजन से पहले केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सोमवार को एक अहम बैठक बुलाई। इस बैठक में परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था, पारदर्शिता और छात्रों की सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई। हाल ही में सामने आई पेपर लीक की आशंकाओं को देखते हुए सभी एजेंसियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

गृह सचिव ने सभी राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पुनर्परीक्षा का संचालन पूरी तरह दोषरहित होना चाहिए। इसके लिए मजबूत सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर स्तर पर निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा, ताकि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।

  • परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी को अनिवार्य किया गया है।
  • प्रश्नपत्रों के परिवहन और वितरण की प्रक्रिया को डिजिटल ट्रैकिंग से जोड़ा गया है।
  • हर केंद्र पर सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
  • परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारियों की पृष्ठभूमि की जांच की जाएगी।

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों को भी गहरा आघात पहुंचाया है। ऐसे में सरकार और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं पर पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने का दबाव लगातार बढ़ रहा है। प्रियंका गांधी की अपील और गृह सचिव की उच्च स्तरीय समीक्षा को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।