NEET UG 2026: गलत बैंक विवरण वालों को मिलेगा सुधार का मौका, NTA ने रिफंड नियमों का किया ऐलान

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 के लिए फीस वापसी प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि पात्र उम्मीदवारों को रिफंड केवल उसी बैंक खाते में भेजा जाएगा, जिसे उन्होंने आधिकारिक पोर्टल पर सत्यापित करवाया हो। यह कदम उन छात्रों के लिए राहत लेकर आया है जिन्होंने गलती से गलत बैंक विवरण दर्ज कर दिए थे या सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे।

हाल के दिनों में कई उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया पर रिफंड प्रक्रिया और गलत जानकारी के प्रभाव को लेकर सवाल उठाए थे। इसी को ध्यान में रखते हुए NTA ने यह फैसला लिया है। एजेंसी का कहना है कि तकनीकी गड़बड़ी या डेटा एंट्री में गलती के कारण किसी भी सच्चे उम्मीदवार को रिफंड न मिलने की समस्या न हो, इसलिए यह अतिरिक्त सुविधा दी जा रही है।

बैंक खाते की जांच अनिवार्य

NTA ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे अपने आवेदन संख्या और पासवर्ड या जन्म तिथि का उपयोग करके पोर्टल पर लॉगिन करें। इसके बाद ‘बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन’ सेक्शन में जाकर खाता संख्या, IFSC कोड और खाताधारक का नाम ध्यानपूर्वक जांचें। यदि इसमें कोई भी त्रुटि पाई जाती है, तो रिफंड प्रक्रिया में देरी हो सकती है।

एजेंसी ने यह भी दोहराया है कि फीस वापसी केवल उसी बैंक खाते में की जाएगी जो उम्मीदवार द्वारा पोर्टल पर पंजीकृत और सत्यापित किया गया हो। इसलिए, सभी छात्रों को अपने बैंक विवरण की दोबारा जांच करने की सलाह दी जाती है।

गलत जानकारी वालों के लिए सुधार विंडो

जो उम्मीदवार बैंक विवरण अपडेट करने में असमर्थ रहे हैं या जिन्होंने अनजाने में गलत जानकारी दर्ज कर दी है, उनके लिए NTA ने एक राहत भरी खबर दी है। एजेंसी के अनुसार, ऐसे छात्रों को परीक्षा के बाद एक और अवसर प्रदान किया जाएगा, जिसमें वे अपनी सही बैंक जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

NTA का कहना है कि इस अतिरिक्त सुधार विंडो का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि डेटा एंट्री की गलती या तकनीकी समस्या के कारण किसी भी पात्र उम्मीदवार का रिफंड प्रभावित न हो। यह कदम उन छात्रों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जो पहले सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे।

साइबर फ्रॉड से सावधानी बरतने की सलाह

रिफंड प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ ही NTA ने छात्रों और अभिभावकों को साइबर फ्रॉड और फिशिंग प्रयासों के प्रति आगाह किया है। एजेंसी ने कहा है कि उम्मीदवार ऐसे किसी भी फोन कॉल, SMS, ईमेल या सोशल मीडिया संदेश से सावधान रहें, जो रिफंड जल्दी दिलाने या सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराने का दावा करता हो।

NTA के अनुसार, साइबर अपराधी खुद को अधिकारी बताकर छात्रों से उनकी वित्तीय जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि वह कभी भी OTP, पासवर्ड, UPI PIN या किसी भी प्रकार के भुगतान की मांग नहीं करती।

  • उम्मीदवार केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही अपने बैंक विवरण अपडेट करें।
  • किसी भी अन्य माध्यम से प्राप्त लिंक या संदेश पर क्लिक न करें।
  • यदि कोई संदिग्ध कॉल या संदेश आता है, तो तुरंत साइबर सेल को सूचित करें।
  • बैंक विवरण अपडेट करते समय सभी जानकारी सही-सही दर्ज करें।

NTA ने यह भी कहा है कि रिफंड प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर आधिकारिक पोर्टल पर जारी होने वाले अपडेट पर नजर रखें। इसके अलावा, किसी भी समस्या के समाधान के लिए वे आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों से भी संपर्क कर सकते हैं।

यह घोषणा उन हजारों छात्रों के लिए राहत लेकर आई है जो बैंक विवरण की गलती के कारण रिफंड न मिलने की चिंता में थे। NTA के इस कदम से यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी पात्र उम्मीदवार तकनीकी कारणों से अपनी फीस वापसी से वंचित न रह जाए।