नीट पेपर लीक प्रकरण: राजनाथ सिंह के आवास पर हुई अहम बैठक, शिक्षा मंत्री और पीएमओ के अधिकारी रहे शामिल

नीट पेपर लीक मामले में गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर एक उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की गई। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह और प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य नीट परीक्षा की विश्वसनीयता को हर कीमत पर बहाल करना था।

जानकारी के मुताबिक, सरकार ने सुरक्षा और रसद व्यवस्था की कमान एक विशेष तंत्र को सौंपी है, जिसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में तैयार किया जा रहा है। लगभग 40 मिनट तक चली इस बैठक में प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर मुद्रण, परिवहन, भंडारण और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित आपूर्ति के पूरे नेटवर्क पर विस्तार से चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री की निगरानी में हो रही तैयारी

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस पूरी प्रक्रिया पर लगातार नजर रखे हुए हैं। बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह के अलावा पीएमओ और शिक्षा मंत्रालय के चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

अर्धसैनिक बल संभालेंगे संवेदनशील केंद्रों की सुरक्षा

सूत्रों ने बताया कि अधिक संवेदनशील परीक्षा केंद्रों, जो पेपर लीक और पेपर माफिया के निशाने पर रहते हैं, की सुरक्षा अब अर्धसैनिक बलों को सौंपी जाएगी। इन केंद्रों पर जांच एजेंसियों के कर्मचारी सादी वर्दी में तैनात रहेंगे। चूंकि पिछली बार प्रश्नपत्र तैयार करने वाले ही लीक का कारण बने थे, इसलिए अब क्रॉस वेरिफिकेशन के बाद ही परीक्षा में ड्यूटी लगाई जाएगी।

वायुसेना के विमानों से भेजे जा सकते हैं प्रश्नपत्र

सरकार प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और परिवहन के लिए रक्षा प्रतिष्ठानों और वायुसेना की मदद लेने पर गंभीरता से विचार कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार, प्रश्नपत्रों को मुद्रण प्रेस से वितरण केंद्रों तक वायुसेना के विमानों और विशेष सुरक्षित वाहनों के जरिए पहुंचाया जाएगा। साथ ही, इन्हें रक्षा प्रतिष्ठानों में सुरक्षित रखने की योजना है।

गौरतलब है कि नीट यूजी 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद इसे 12 मई को रद्द कर दिया गया था। अब 21 जून को होने वाली नीट पुनर्परीक्षा में लगभग 23 लाख छात्र शामिल होंगे। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान लगातार परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।