एनसीईआरटी की कक्षा 9 की नई पाठ्यपुस्तकें जल्द ही छात्रों तक पहुंचेंगी

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने कक्षा 9 की नई पाठ्यपुस्तकों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। परिषद के अनुसार, इन पुस्तकों की छपाई तीव्र गति से जारी है और जल्द ही देशभर के विद्यार्थियों को ये उपलब्ध करा दी जाएंगी। फिलहाल बढ़ती मांग के कारण आपूर्ति में कुछ अस्थायी कमी देखी जा रही है, लेकिन इस अंतर को दूर करने के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

नई शिक्षा नीति पर आधारित पाठ्यक्रम

एनसीईआरटी ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 9 की ये नई किताबें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी 2020) के तहत तैयार की गई हैं। यह बदलाव शिक्षा प्रणाली को अधिक व्यावहारिक, समकालीन और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। नई पुस्तकों में विषयवस्तु को रोचक और समझने में आसान बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

डिजिटल संस्करण पहले से उपलब्ध

विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए परिषद ने नई पाठ्यपुस्तकों के डिजिटल संस्करण अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर निःशुल्क उपलब्ध करा दिए हैं। छात्र इन पुस्तकों को ऑनलाइन पढ़ सकते हैं या डाउनलोड कर सकते हैं। इस सुविधा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर छात्र की पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रहे।

कई माध्यमों से हो रही आपूर्ति

एनसीईआरटी ने पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई वैकल्पिक व्यवस्थाएं की हैं। इन किताबों को विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी खरीदा जा सकता है। इसके अलावा, जो स्कूल और शैक्षणिक संस्थान बड़ी संख्या में पुस्तकें प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें सीधे एनसीईआरटी द्वारा आपूर्ति की जा रही है।

आपूर्ति में अंतर जल्द होगा समाप्त

परिषद ने स्वीकार किया है कि नए पाठ्यक्रम में बदलाव के कारण शुरुआती दौर में मांग और आपूर्ति के बीच कुछ अंतर उत्पन्न हुआ है। हालांकि, इस समस्या के समाधान के लिए ठोस योजना बनाई गई है। अतिरिक्त छपाई के आदेश दिए जा चुके हैं और उम्मीद है कि बहुत जल्द सभी छात्रों तक पुस्तकें पहुंच जाएंगी।

सामाजिक विज्ञान की पुस्तक अंतिम चरण में

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कक्षा 9 की लगभग सभी पाठ्यपुस्तकें जारी हो चुकी हैं। केवल सामाजिक विज्ञान (सोशल साइंस) की पुस्तक अंतिम तैयारी के चरण में है। इसे भी शीघ्र ही जारी कर दिया जाएगा।

एनसीईआरटी ने छात्रों को सलाह दी है कि वे फिलहाल डिजिटल संसाधनों का उपयोग करें और अपनी पढ़ाई जारी रखें, ताकि किसी भी प्रकार की रुकावट से बचा जा सके।