NBEMS: डीएनबी 2025 सत्र के लिए ओपीजेआर जॉइनिंग प्रक्रिया अनिवार्य, पोर्टल 9 मार्च से होगा सक्रिय
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने 2025 सत्र के लिए डीएनबी और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने वाले सभी अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। बोर्ड ने ऑनलाइन पोर्टल फॉर जॉइनिंग एंड रजिस्ट्रेशन (OPJR) पर जॉइनिंग औपचारिकताएं और सेल्फ-अप्रेजल पूरा करना अनिवार्य कर दिया है। यह प्रक्रिया एनबीईएमएस डिप्लोमा और पोस्ट-एमबीबीएस डीएनबी ब्रॉड स्पेशियलिटी कोर्स में शामिल होने वाले सभी प्रशिक्षुओं पर लागू होगी।
किन अभ्यर्थियों को करनी होगी प्रक्रिया?
एनबीईएमएस के अनुसार, मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) के माध्यम से सीट प्राप्त करने वाले सभी उम्मीदवारों को ओपीजेआर पोर्टल पर अपनी जॉइनिंग स्थिति अपडेट करनी होगी। इसके अलावा, राज्य सरकार, रेलवे, पीएसयू या ईएसआईसी के इन-सर्विस कोटा के तहत प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थी भी इस दायरे में आएंगे। यह आदेश एनबीईएमएस से मान्यता प्राप्त सभी अस्पतालों पर भी लागू है, जिन्हें उम्मीदवारों के दस्तावेजों और विवरणों का सत्यापन करना होगा।
पोर्टल खुलने और प्रक्रिया पूरी करने की तिथियां
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ओपीजेआर पोर्टल 9 मार्च 2026 से सक्रिय हो जाएगा। सभी प्रशिक्षुओं को 9 अप्रैल 2026 तक अपनी जॉइनिंग और सेल्फ-अप्रेजल प्रक्रिया पूरी करनी होगी। वहीं, संबंधित अस्पतालों को 30 अप्रैल 2026 तक सत्यापन की प्रक्रिया समाप्त करनी होगी। यह समय-सीमा सभी के लिए अनिवार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।
जॉइनिंग औपचारिकताएं और सेल्फ-अप्रेजल
नोटिस के अनुसार, अभ्यर्थियों को निम्नलिखित कदम उठाने होंगे:
- पोर्टल पर जॉइनिंग औपचारिकताएं पूरी करना
- सेल्फ-अप्रेजल फॉर्म भरना
- यह सुनिश्चित करना कि अस्पताल जॉइनिंग रिपोर्ट (Annexure-A) अपलोड करे
इसके बाद अस्पताल को अभ्यर्थी के सेल्फ-अप्रेजल और दस्तावेजों का सावधानीपूर्वक सत्यापन करना होगा और आवंटन विवरण की पुष्टि करनी होगी। एनबीईएमएस ने स्पष्ट किया है कि सेल्फ-अप्रेजल प्रक्रिया प्रशिक्षु के पंजीकरण की पात्रता तय करने के लिए अनिवार्य है। यह प्रक्रिया संबंधित सूचना पुस्तिका में दिए गए मानदंडों के अनुसार ही पूरी होगी।
आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए विशेष निर्देश
मान्यता प्राप्त अस्पतालों को मूल दस्तावेजों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आरक्षित श्रेणी (SC, ST, OBC, EWS) के तहत प्रवेश लेने वाले उम्मीदवारों के लिए अस्पतालों को एमसीसी दिशा-निर्देशों के अनुसार मूल और वैध जाति या श्रेणी प्रमाण पत्र का सत्यापन करना अनिवार्य होगा। यह सुनिश्चित करना अस्पताल की जिम्मेदारी होगी कि सभी दस्तावेज सही और वैध हैं।
इन-सर्विस उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण शर्त
इन-सर्विस उम्मीदवारों के लिए एनबीईएमएस ने एक विशेष शर्त रखी है। राज्य कोटा या सरकारी संस्थान में कार्यरत अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण तभी शुरू माना जाएगा, जब उन्हें उनकी मूल संस्था से औपचारिक रूप से कार्यमुक्त (Relieve) किया जाएगा। इससे पहले की गई कोई भी ट्रेनिंग अमान्य मानी जाएगी और उसे शून्य घोषित कर दिया जाएगा। यह शर्त सुनिश्चित करती है कि प्रशिक्षण पूरी तरह से नियमों के अनुपालन में हो।
अस्थायी पंजीकरण और गलत जानकारी पर कार्रवाई
सभी प्रक्रिया पूरी होने और सत्यापन के बाद उम्मीदवारों को अस्थायी पंजीकरण पत्र जारी किया जाएगा। हालांकि, एनबीईएमएस ने स्पष्ट किया है कि यह पंजीकरण पूर्णतः अस्थायी होगा और आगे के सत्यापन पर निर्भर करेगा। यदि सेल्फ-अप्रेजल में किसी प्रकार की गलत जानकारी या भ्रामक विवरण पाया जाता है, तो उम्मीदवारी तुरंत रद्द की जा सकती है। बोर्ड ने यह भी कहा है कि एनबीईएमएस प्रशिक्षण काउंसलिंग की रिपोर्टिंग अवधि के भीतर शुरू होना चाहिए। बिना पूर्व अनुमति के जॉइनिंग तिथि में किसी प्रकार का विस्तार स्वीकार नहीं किया जाएगा।