NBEMS FET 2026: फेलोशिप प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू, दो वर्षीय प्रशिक्षण के साथ 1.25 लाख तक वजीफा

नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने फेलोशिप प्रवेश परीक्षा (FET) 2025 के लिए आवेदन पोर्टल खोल दिया है। यह परीक्षा वर्ष 2025 सत्र के लिए फेलो ऑफ नेशनल बोर्ड (FNB) पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आयोजित की जाएगी। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण प्रक्रिया 14 जनवरी 2026 को शाम 5:00 बजे से शुरू होकर 3 फरवरी 2026 तक जारी रहेगी।

पात्रता मानदंड: कौन कर सकता है आवेदन?

FET-2025 में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार को भारत का नागरिक या भारतीय मूल का ओसीआई (OCI) कार्डधारक होना अनिवार्य है। FPIS पाठ्यक्रमों के लिए विदेशी नागरिक भी आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, उम्मीदवार के पास संबंधित फेलोशिप के लिए एमडी, एमएस, डीएम, एमसीएच, डीएनबी या डीआरएनबी जैसी मान्यता प्राप्त स्नातकोत्तर डिग्री होनी चाहिए।

आवेदक का राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) या राज्य चिकित्सा परिषद में पंजीकरण होना आवश्यक है। यह पंजीकरण स्थायी या अस्थायी किसी भी प्रकार का हो सकता है, लेकिन प्रवेश या काउंसलिंग के समय इसे प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साथ ही, उम्मीदवार को कट-ऑफ तिथि तक या उससे पहले अपनी डिग्री या उत्तीर्ण होने का प्रमाण पत्र प्राप्त कर लेना चाहिए; तभी वह आवेदन के लिए पात्र माना जाएगा।

वजीफा और प्रशिक्षण अवधि

इस फेलोशिप कार्यक्रम के तहत चयनित उम्मीदवारों को प्रति माह लगभग 1 लाख से 1.25 लाख रुपये तक का वजीफा प्रदान किया जाएगा। यह राशि NBEMS के नियमों के अनुसार संशोधित भी हो सकती है।

प्रशिक्षण की अवधि सामान्यतः दो वर्ष की होगी और यह पूर्णकालिक (फुल टाइम) होगा। इस दौरान उम्मीदवारों को अस्पताल में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, उन्हें कक्षाओं में भाग लेना, लॉगबुक रखना और समय-समय पर परीक्षण देना होगा। प्रशिक्षण पूरा होने पर एक अंतिम परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें सफल होने पर फेलोशिप का प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।

परीक्षा पैटर्न और सिलेबस

NBEMS फेलोशिप प्रवेश परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) होगी। परीक्षा की अवधि 1 घंटा 45 मिनट निर्धारित की गई है। इसमें बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) पूछे जाएंगे, जिनकी संख्या विषय के अनुसार लगभग 100 से 120 तक हो सकती है।

  • प्रत्येक सही उत्तर के लिए 4 अंक प्रदान किए जाएंगे।
  • गलत उत्तर देने पर 1 अंक काटा जाएगा।
  • परीक्षा का सिलेबस संबंधित ब्रॉड स्पेशलिटी और चुनी गई सुपर-स्पेशलिटी पर आधारित होगा।
  • काउंसलिंग में भाग लेने के लिए उम्मीदवार को अपनी विशेषज्ञता में न्यूनतम 50 पर्सेंटाइल अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा।