नवरात्रि पांचवां दिन: माँ स्कंदमाता को समर्पित यह रंग लाएगा सुख-समृद्धि
नवरात्रि का पवित्र पर्व देशभर में आस्था और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दौरान माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना का विशेष महत्व है, और हर दिन का अपना एक अलग महत्त्व होता है। यदि आप चाहते हैं कि नवरात्रि के पाँचवें दिन माँ स्कंदमाता की कृपा आप पर बनी रहे और आपके जीवन में सुख, शांति व समृद्धि का आगमन हो, तो उनके प्रिय रंग का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है।
मान्यता है कि नवरात्रि के पाँचवें दिन माँ स्कंदमाता की पूजा के समय सफेद रंग के वस्त्र धारण करना अत्यंत शुभ होता है। सफेद रंग शांति, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सफेद वस्त्र पहनकर देवी के समक्ष दीप प्रज्वलित करना, पुष्प अर्पित करना और विशेष मंत्रों का जाप करना अत्यधिक फलदायी होता है। ऐसा करने से न केवल आपका व्रत और पूजा सफल होती है, बल्कि मानसिक शांति और घर में सामंजस्य भी बढ़ता है। आइए जानते हैं कि आप इस विशेष दिन पर क्या-क्या पहन सकते हैं।
सफेद साड़ी
इस अवसर पर आप सफेद रंग की साड़ी पहनकर माँ को प्रसन्न कर सकती हैं। यदि सादी सफेद साड़ी पसंद नहीं है, तो लाल या सुनहरे बॉर्डर वाली सफेद साड़ी भी एक बेहतरीन विकल्प है। इस लुक को पूरा करने के लिए बालों में स्लीक बन बनाया जा सकता है, जो न केवल सुंदर लगता है बल्कि पूरे दिन सहजता भी प्रदान करता है।
चिकनकारी सूट
यदि आप साड़ी पहनने की इच्छुक नहीं हैं, तो चिकनकारी का सफेद सूट एक उत्तम विकल्प हो सकता है। यह पारंपरिक परिधान हर किसी पर बेहद खूबसूरत लगता है। इसके साथ बालों को स्ट्रेट करके खुला रखा जा सकता है, जिससे आपका समग्र लुक और भी आकर्षक दिखाई देगा।
सफेद कुर्ता-पायजामा
पुरुषों के लिए सफेद कुर्ता-पायजामा से बेहतर और कुछ नहीं हो सकता। यह एक सरल, सुलभ और बेहद स्टाइलिश विकल्प है, जो लगभग हर किसी के पास होता है। माँ स्कंदमाता की पूजा के लिए यह परिधान बहुत उपयुक्त माना जाता है। इसे पहनकर पैरों में कोल्हापुरी चप्पल पहनें, जो आपको पूरे दिन आरामदायक रखेगी और आपके लुक को भी निखारेगी।
सफेद शर्ट और पैंट
यदि कुर्ता पहनने का मन नहीं है, तो एक सफेद शर्ट और सफेद पैंट का कॉम्बिनेशन आपके लुक को शानदार बना सकता है। यह एक मॉडर्न और सिंपल लुक है। चाहें तो सफेद शर्ट के साथ ब्लू जींस भी पहन सकते हैं। यह कैजुअल लेकिन आकर्षक लुक आपको अलग पहचान देगा और पूजा के दौरान भी आप सहज महसूस करेंगे।