नवरात्रि 2025 तीसरा दिन: मां चंद्रघंटा की पूजा में धारण करें यह शुभ रंग
शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व आस्था और उल्लास के साथ प्रारंभ हो चुका है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में मां दुर्गा के नौ विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है। प्रत्येक दिन देवी के एक विशेष रूप को समर्पित होता है, जिसके अनुसार पूजा की विधि, भोग और वस्त्रों के रंग का विशेष महत्व बताया गया है।
नवरात्रि का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित है। मां का यह स्वरूप अत्यंत दिव्य, सौम्य और कल्याणकारी माना जाता है। वे अपने भक्तों को साहस, शक्ति और मानसिक शांति प्रदान करती हैं। यदि आप मां चंद्रघंटा की विधिवत पूजा करना चाहते हैं, तो इस दिन उनके प्रिय रंग का ध्यान रखना अत्यंत शुभ माना गया है।
मां चंद्रघंटा को लाल रंग अत्यधिक प्रिय है। इसलिए इस दिन लाल वस्त्र धारण करके पूजा करना विशेष फलदायी होता है। लाल रंग शक्ति, ऊर्जा और देवी के तेज का प्रतीक है। आइए जानते हैं महिलाओं और पुरुषों के लिए इस दिन के कुछ बेहतरीन वस्त्र विकल्प।
महिलाओं के लिए विकल्प
लाल साड़ी: लाल रंग की साड़ी लगभग हर महिला की अलमारी में होती है। यह रंग हर किसी पर बेहद खिलकर सामने आता है। मां चंद्रघंटा की पूजा के दौरान लाल साड़ी पहनना एक शानदार विकल्प हो सकता है। यह पारंपरिक लुक देने के साथ ही आपको पूजा के माहौल से जोड़ता है।
लाल सूट: कई महिलाएं साड़ी पहनने में सहज महसूस नहीं करतीं। ऐसे में लाल रंग का सूट एक बेहतरीन विकल्प है। सूट चुनते समय ध्यान रखें कि वह ज्यादा भारी न हो। हल्के और सूती कपड़े का सूट पहनने से पूजा के दौरान आप अधिक आरामदायक रहेंगी और सादगी भरा अंदाज भी दिखेगा।
प्री-ड्रेप्ड साड़ी: कुछ अलग और आधुनिक लुक के लिए प्री-ड्रेप्ड साड़ी पहन सकती हैं। यह साड़ी आपके पहनावे में चार चांद लगा देगी। इसके साथ बालों को खुला रखें और गले में हल्का सा आभूषण पहनें। इस लुक के लिए अधिक मेकअप की आवश्यकता नहीं होती।
पुरुषों के लिए विकल्प
पुरुष इस अवसर पर लाल रंग का कुर्ता पहन सकते हैं। लाल कुर्ता न केवल पूजा के लिए बल्कि शादी-विवाह जैसे अन्य शुभ अवसरों के लिए भी उपयुक्त माना जाता है। इसे सफेद रंग की पायजामा के साथ पहनने से लुक और भी निखर जाता है। यह संयोजन पारंपरिक और आकर्षक दोनों है।
मां चंद्रघंटा की कृपा पाने के लिए इस दिन लाल वस्त्र धारण करना शुभ माना गया है। यह रंग न केवल आपकी श्रद्धा को दर्शाता है, बल्कि आपको पर्व के वातावरण से जोड़ने का काम भी करता है।