मध्य प्रदेश आरटीई लॉटरी 2026: निजी स्कूलों में एक लाख से अधिक बच्चों को मुफ्त प्रवेश

मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षा के अधिकार (आरटीई) कानून के तहत वर्ष 2026 के लिए लॉटरी परिणाम घोषित कर दिया है। 2 अप्रैल 2026 को जारी इस परिणाम में प्रदेश भर के 1,06,051 बच्चों को निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश के लिए चुना गया है। जिन अभिभावकों ने अपने बच्चों के लिए आवेदन किया था, वे अब ऑनलाइन माध्यम से आवंटन की स्थिति देख सकते हैं।

पहले चरण की लॉटरी के प्रमुख आंकड़े

राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने इस लॉटरी परिणाम की घोषणा की। उनके अनुसार, पहले चरण की इस लॉटरी में कुल 1,06,051 बच्चों को प्रदेश के विभिन्न निजी स्कूलों में मुफ्त दाखिला मिला है। खास बात यह है कि इनमें से 91,543 बच्चों को उनकी पहली पसंद के स्कूल में ही सीट आवंटित की गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि अधिकांश अभिभावकों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए आवंटन किया गया।

दूसरे चरण की लॉटरी की तिथि

जिन बच्चों को पहले चरण में सीट आवंटित नहीं हुई है या जिन्हें उनकी पसंद के अनुसार स्कूल नहीं मिला है, उनके लिए दूसरे चरण की लॉटरी का आयोजन 15 अप्रैल 2026 के बाद किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शेष बच्चों के लिए वैकल्पिक स्कूलों में सीटें उपलब्ध कराई जाएंगी और इसके लिए अलग से लॉटरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट देखते रहें।

आवंटन पत्र कैसे प्राप्त करें

जिन बच्चों को सीट आवंटित हुई है, उनके अभिभावक आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवंटन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए निम्नलिखित जानकारी की आवश्यकता होगी:

  • आवेदन संख्या
  • पंजीकृत मोबाइल नंबर
  • बच्चे की जन्म तिथि

इन विवरणों को दर्ज करने के बाद अभिभावक लॉगिन कर सकते हैं और अपने बच्चे का आवंटन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा, आवंटन की सूचना आवेदकों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भी भेजी जाएगी, ताकि हर अभिभावक तक जानकारी आसानी से पहुंच सके।

आरटीई कानून का उद्देश्य

शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। इस कानून के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें ऐसे बच्चों के लिए आरक्षित रखी जाती हैं, जिनके परिवार आर्थिक रूप से पिछड़े हैं। मध्य प्रदेश सरकार हर साल इस प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराती है, ताकि अधिक से अधिक बच्चे इस योजना का लाभ उठा सकें।

इस वर्ष की लॉटरी में एक लाख से अधिक बच्चों को प्रवेश मिलना इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे आवंटन पत्र प्राप्त करने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित स्कूल में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि उनके बच्चे नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही पढ़ाई शुरू कर सकें।