मेटा में छंटनी का नया दौर: एक हजार से अधिक कर्मचारी हुए बेरोजगार, मेटावर्स प्रोजेक्ट ठप
टेक दिग्गज मेटा प्लेटफॉर्म्स ने एक बार फिर अपने कर्मचारियों को बड़ा झटका दिया है। कंपनी ने अपने ‘रियलिटी लैब्स’ डिवीजन से 1,000 से अधिक कर्मचारियों को निकाल दिया है। यह कदम मेटा द्वारा अपनी प्राथमिकताओं में बड़े बदलाव का संकेत है, जिसमें कंपनी अब मेटावर्स से हटकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्मार्ट वियरेबल्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इस छंटनी के बाद लिंक्डइन पर पूर्व कर्मचारियों की ‘ओपन टू वर्क’ पोस्ट की बाढ़ आ गई है, जो इस फैसले से उपजी निराशा को दर्शाती है।
मेटावर्स से मोहभंग: जुकरबर्ग का नया रुख
मेटा के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग लंबे समय से मेटावर्स को भविष्य का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बताते आए हैं। हालांकि, अब कंपनी इस दिशा में अपने बड़े दांवों से पीछे हटती दिख रही है। रियलिटी लैब्स डिवीजन, जो वर्चुअल रियलिटी (VR) और मेटावर्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर काम करता था, अब सिकुड़ रहा है। कंपनी का नया फोकस AI और वियरेबल डिवाइसेज, खासकर स्मार्ट ग्लासेज पर है। इसी रणनीतिक बदलाव के चलते 1,000 से अधिक पदों को खत्म कर दिया गया है।
तीन गेमिंग स्टूडियो हुए बंद
इस पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत मेटा ने अपने तीन इन-हाउस वर्चुअल रियलिटी गेमिंग स्टूडियो को पूरी तरह से बंद करने का फैसला लिया है। आर्मेचर, संजारू और ट्विस्टेड पिक्सल नामक ये स्टूडियो क्वेस्ट प्लेटफॉर्म के लिए शानदार गेम और कंटेंट तैयार करने के लिए जाने जाते थे। हालांकि, मेटा ने पांच अन्य स्टूडियो को बरकरार रखा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी वीआर गेमिंग को पूरी तरह से नहीं छोड़ रही है, बल्कि अब वह केवल चुनिंदा और लाभदायक प्रोजेक्ट्स पर ही काम करेगी।
अनुभव का कोई मोल नहीं: सीनियर और जूनियर सभी प्रभावित
लिंक्डइन पर मेटा के पूर्व कर्मचारियों की पोस्ट की भरमार है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस छंटनी में अनुभव को कोई महत्व नहीं दिया गया। नौकरी से निकाले गए लोगों में वे कर्मचारी भी शामिल हैं जिन्हें मेटा में आए अभी एक साल ही हुआ था, और वे भी जो पिछले 8-10 साल से कंपनी के प्रति वफादार थे। यह स्थिति कंपनी के कठोर रुख को दर्शाती है, जहां प्रदर्शन और वरिष्ठता की परवाह किए बिना लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
छंटनी के पीछे की असली वजह: भारी आर्थिक घाटा
इस बड़े फैसले का सबसे बड़ा कारण आर्थिक नुकसान है। रियलिटी लैब्स डिवीजन पिछले काफी समय से मेटा के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। हालिया तिमाही के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस यूनिट ने केवल 470 मिलियन डॉलर का राजस्व कमाया, जबकि इसके मुकाबले उसे 4.4 बिलियन डॉलर का भारी नुकसान उठाना पड़ा। यह स्पष्ट है कि मेटा अपना निवेश मेटावर्स से हटाकर वियरेबल्स और एआई की ओर ले जा रहा है। यह छंटनी उसी रणनीति का हिस्सा है, ताकि यहां से बचाए गए पैसों को नई तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास में लगाया जा सके।
- मेटा ने अपने रियलिटी लैब्स डिवीजन से 1,000 से अधिक कर्मचारियों को निकाला है।
- कंपनी अब मेटावर्स के बजाय AI और स्मार्ट वियरेबल्स पर फोकस करेगी।
- तीन VR गेमिंग स्टूडियो को बंद कर दिया गया है, जबकि पांच को बरकरार रखा गया है।
- नौकरी से निकाले गए लोगों में एक साल पुराने और 10 साल पुराने दोनों तरह के कर्मचारी शामिल हैं।
- रियलिटी लैब्स को हालिया तिमाही में 4.4 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है।