मेटा में एक बार फिर छंटनी का संकट, एआई निवेश के बोझ तले दबी कंपनी

दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों में से एक मेटा में एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी की आशंका जताई जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी अपने कुल कर्मचारियों के 20 प्रतिशत तक को नौकरी से निकालने की योजना बना रही है। यह कदम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में बढ़ते निवेश और बढ़ती लागत को नियंत्रित करने के लिए उठाया जा सकता है।

एआई की रेस में भारी खर्चा, कर्मचारियों पर पड़ेगी मार?

खबरों के मुताबिक, मेटा इन दिनों एआई तकनीक में सबसे आगे रहने के लिए भारी मात्रा में पैसा खर्च कर रहा है। कंपनी नए एआई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, छोटी एआई कंपनियों को खरीद रही है और इस क्षेत्र के विशेषज्ञों को ऊंचे वेतन पर भर्ती कर रही है। इस बढ़ते खर्च की भरपाई करने और कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए अब प्रशासनिक और अन्य सामान्य भूमिकाओं में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या कम करने पर विचार किया जा रहा है। गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर के अंत तक मेटा में लगभग 79,000 लोग कार्यरत थे।

कंपनी का आधिकारिक बयान क्या है?

अब तक मेटा की ओर से इस छंटनी की योजना की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। कंपनी के एक प्रवक्ता ने इसे केवल “संभावित रणनीतियों के बारे में अटकलें” करार दिया है। हालांकि, टेक उद्योग में लगातार आ रही छंटनियों के बीच इस खबर ने कर्मचारियों में चिंता बढ़ा दी है।

क्या एआई सच में नौकरियां ले रहा है? विशेषज्ञों की राय अलग

हाल के महीनों में कई टेक कंपनियों ने बड़े पैमाने पर छंटनी की है, और उनका तर्क रहा है कि एआई के आने से कई काम अपने आप होने लगे हैं, जिससे कम कर्मचारियों की जरूरत है। लेकिन टेक्नोलॉजी की दुनिया के कई बड़े नाम इस तर्क से सहमत नहीं हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियां अपने पिछले फैसलों की गलतियों को एआई के नाम पर छिपा रही हैं। कोरोना महामारी के दौरान अधिकांश टेक कंपनियों ने जरूरत से ज्यादा कर्मचारियों की भर्ती कर ली थी। अब जब बाजार की स्थितियां बदल रही हैं, तो वे उन अतिरिक्त कर्मचारियों को निकाल रही हैं और इसका कारण एआई को बता रही हैं। उद्योग में इस प्रवृत्ति को ‘एआई-वाशिंग’ कहा जा रहा है।

मेटा का छंटनी का पुराना इतिहास

मेटा के लिए कर्मचारियों की छंटनी कोई नई बात नहीं है। कंपनी पहले भी दो बार बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को निकाल चुकी है। नवंबर 2022 में कंपनी ने लगभग 11,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था। इसके ठीक कुछ महीने बाद, मार्च 2023 में करीब 10,000 कर्मचारियों की और छंटनी की गई थी। अगर 20 प्रतिशत कर्मचारियों को निकालने की यह नई खबर सच साबित होती है, तो यह मेटा के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनियों में से एक होगी। फिलहाल, सभी की निगाहें कंपनी के अगले कदम पर टिकी हैं।