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वैशाख मासिक शिवरात्रि 2026: तिथि, पूजा विधि और शिव मंत्र
हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है, जो भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सच्चे मन से शिव परिवार की पूजा और व्रत करने से भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं। शास्त्रों में मासिक शिवरात्रि को केवल व्रत ही नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि का अवसर भी बताया गया है। इस दिन भक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक कर प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। यह भी मान्यता है कि नियमित रूप से मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से जीवन के कष्ट धीरे-धीरे समाप्त हो जाते हैं। वैशाख माह की मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व है, आइए जानते हैं इस व्रत की तिथि और पूजा विधि।
वैशाख मासिक शिवरात्रि 2026 की तिथि
वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 अप्रैल 2026 को रात 10 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगी। इस तिथि का समापन 16 अप्रैल 2026 को शाम 8 बजकर 11 मिनट पर होगा। निशिता काल के अनुसार, मासिक शिवरात्रि का व्रत 15 अप्रैल 2026 को रखा जाएगा।
मासिक शिवरात्रि पूजा विधि
- सबसे पहले शिवलिंग और शिव परिवार को पंचामृत से स्नान कराएं।
- इसके बाद साफ जल से अभिषेक करें।
- महादेव को 11 बेलपत्र, शमी के फूल, धतूरा, फल और इत्र अर्पित करें।
- गेहूं और चावल के कुछ दाने लेकर “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें और भगवान शिव को अर्पित करें।
- शिव जी के पास शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं और धूपबत्ती भी जलाएं।
- शिव चालीसा पढ़ें और अंत में आरती करते हुए सफेद वस्तुओं का दान करें।
भगवान शिव के प्रिय मंत्र
- ॐ नमः शिवाय।
- नमो नीलकण्ठाय।
- ॐ पार्वतीपतये नमः।
महामृत्युंजय मंत्र
ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।।
भगवान शिव के प्रभावशाली मंत्र
- ओम साधो जातये नम:।
- ओम वाम देवाय नम:।
- ओम अघोराय नम:।
- ओम तत्पुरूषाय नम:।
- ओम ईशानाय नम:।
- ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग और धार्मिक ग्रंथों पर आधारित है। प्रस्तुत सूचना और तथ्यों की सटीकता और संपूर्णता के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं ली जाती।
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