माइक्रोसॉफ्ट 365 कोपायलट में बड़ी सुरक्षा खामी: गोपनीय ईमेल तक पहुंचा AI, DLP नीतियां भी हुईं नाकाम
माइक्रोसॉफ्ट के एआई असिस्टेंट, माइक्रोसॉफ्ट 365 कोपायलट में एक गंभीर सुरक्षा दोष सामने आया है। कंपनी ने खुद स्वीकार किया है कि एक तकनीकी खामी के चलते कोपायलट गोपनीय आउटलुक ईमेल तक पहुंच सकता था और उनका सारांश तैयार कर सकता था। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इसने डेटा लॉस प्रिवेंशन (DLP) जैसी सुरक्षा नीतियों को भी दरकिनार कर दिया। DLP का उपयोग विशेष रूप से संवेदनशील डेटा को अनधिकृत पहुंच से बचाने के लिए किया जाता है, लेकिन इस बग ने इन सुरक्षा उपायों को पूरी तरह बेअसर कर दिया। इस घटना ने डेटा गोपनीयता और कॉरपोरेट सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने पुष्टि की है कि यह बग कई हफ्तों तक मौजूद रहा, हालांकि अब कंपनी ने इसे ठीक करने के लिए आवश्यक सुधार जारी कर दिए हैं।
कोपायलट ने पढ़ लिए संवेदनशील और गोपनीय ईमेल
माइक्रोसॉफ्ट ने इस बग को CW1226324 नाम दिया है। यह समस्या पहली बार 21 जनवरी 2026 को पहचानी गई थी। यह खामी कोपायलट के ‘वर्क’ टैब से जुड़ी थी और एक कोडिंग त्रुटि के कारण उत्पन्न हुई। इस बग की वजह से कोपायलट उन ईमेल तक पहुंच सकता था और उनका सार बना सकता था, जिन्हें आमतौर पर अत्यधिक सुरक्षित माना जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
- सेंट आइटम्स: वे ईमेल जिन्हें उपयोगकर्ता पहले ही भेज चुका है।
- ड्राफ्ट फोल्डर्स: वे ईमेल जो अभी तक भेजे नहीं गए थे और ड्राफ्ट में पड़े थे।
- कॉन्फिडेंशियल लेबल वाले ईमेल: ऐसे ईमेल जिनमें संवेदनशील और गोपनीय जानकारी होती है।
आउटलुक में कॉन्फिडेंशियल लेबल विशेष रूप से महत्वपूर्ण और संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए लगाया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि कोई भी स्वचालित सिस्टम ऐसे ईमेल को पढ़ या प्रोसेस न कर सके। लेकिन इस बग के कारण कोपायलट ने इन सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया और गोपनीय ईमेल तक पहुंचकर उन्हें प्रोसेस कर लिया, जिससे डेटा सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।
DLP सुरक्षा नीतियां भी नहीं रोक पाईं कोपायलट को
कंपनियां अपने महत्वपूर्ण और गोपनीय डेटा को सुरक्षित रखने के लिए डेटा लॉस प्रिवेंशन (DLP) नीतियों का उपयोग करती हैं। इन नीतियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति या सिस्टम संवेदनशील जानकारी तक पहुंच न सके। हालांकि, इस मामले में कोपायलट के बग ने इन सुरक्षा नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। माइक्रोसॉफ्ट ने माना कि कॉन्फिडेंशियल लेबल वाले ईमेल भी कोपायलट चैट के माध्यम से गलत तरीके से पढ़े और प्रोसेस किए जा रहे थे। कंपनी के अनुसार, यह समस्या पूरी तरह से एक कोडिंग गलती के कारण हुई। हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस बग से कितने उपयोगकर्ता या कितनी कंपनियां प्रभावित हुईं।
माइक्रोसॉफ्ट ने बग ठीक किया, लेकिन चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं
माइक्रोसॉफ्ट ने फरवरी 2026 की शुरुआत में इस समस्या को ठीक करने के लिए फिक्स जारी करना शुरू कर दिया। कंपनी ने प्रभावित उपयोगकर्ताओं से संपर्क करके यह भी सूचित किया कि अब यह समस्या हल हो गई है। इसके बावजूद, इस बग से हुए नुकसान की सीमा और कितने लोगों या कंपनियों का डेटा प्रभावित हुआ, इसकी पूरी जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। इसी कारण डेटा सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है।
एआई फीचर्स के तेजी से विस्तार के बीच सामने आया मामला
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब माइक्रोसॉफ्ट अपने एआई फीचर्स का तेजी से विस्तार कर रहा है। कोपायलट को अब आउटलुक, वर्ड, एक्सेल, पावरपॉइंट और एज ब्राउजर जैसे कई उत्पादों में एकीकृत किया जा चुका है। यह घटना स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि एआई जितना शक्तिशाली और उपयोगी है, उसकी सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से कंपनियों के लिए, जहां गोपनीय और महत्वपूर्ण डेटा की सुरक्षा सर्वोपरि होती है, ऐसी खामियां बड़ा जोखिम पैदा कर सकती हैं।