महावीर जयंती 2026: 31 मार्च को मनाया जाएगा यह पावन पर्व, जानें इसका महत्व
31 मार्च 2026 को महावीर जयंती का पर्व मनाया जा रहा है। यह दिन केवल जन्मोत्सव नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का अवसर भी है। यह हमें अपने भीतर झांकने, अपनी कमजोरियों को पहचानने और उन्हें सुधारने की प्रेरणा देता है।
महावीर जयंती का धार्मिक महत्व
हर वर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर महावीर जयंती मनाई जाती है। यह आस्था, संयम और आत्मशुद्धि का पर्व है, जिसे जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष यह पावन तिथि 31 मार्च 2026 को पड़ रही है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान महावीर से जुड़ी अनेक शिक्षाएं हम सभी के जीवन में विशेष महत्व रखती हैं। उनका जीवन यह सिखाता है कि मनुष्य का सुख भौतिक वस्तुओं में नहीं, बल्कि अपने मन, वाणी और कर्मों को नियंत्रित करने में है। उन्होंने अहिंसा, सत्य और मानव जीवन को एक उच्च आध्यात्मिक दिशा प्रदान की।
महावीर जयंती पर किए जाने वाले विशेष कार्य
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महावीर जयंती पर सुबह-सुबह भजन-कीर्तन के साथ श्रद्धालु प्रभात फेरी निकालते हैं, जिसमें भगवान महावीर के संदेशों का गुणगान किया जाता है।
शास्त्रों के अनुसार, इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और औषधि का दान किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन कई श्रद्धालु अहिंसा, सत्य और संयम का पालन करने का संकल्प लेते हैं।
यह भी माना जाता है कि भगवान महावीर की प्रतिमा को सुंदर सजे हुए रथ पर विराजमान कर भव्य शोभा यात्रा निकाली जाती है। इस दौरान सभी अहिंसा और प्रेम के संदेश के साथ भ्रमण करते हैं। महावीर जयंती के शुभ दिन पर सभी जैन मंदिरों में अभिषेक, अष्टप्रकार पूजा और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
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