महाराष्ट्र में एआई नीति को मंजूरी, युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे

महाराष्ट्र सरकार ने तकनीकी विकास को बढ़ावा देने और राज्य को डिजिटल युग में अग्रणी बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पॉलिसी 2026’ को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई। इस नीति का उद्देश्य महाराष्ट्र में एआई के क्षेत्र में एक मजबूत और आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करना है। सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत राज्य में लगभग 10,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होने की संभावना है। यह निवेश न केवल तकनीकी क्षेत्र को मजबूती देगा, बल्कि राज्य के युवाओं के लिए लगभग 1.5 लाख नई नौकरियों के अवसर भी सृजित करेगा।

एआई सेंटर और इनोवेशन सिटी की स्थापना

नई नीति के तहत महाराष्ट्र में एआई के विकास को गति देने के लिए छह ‘एआई एक्सीलेंस सेंटर’ और पांच ‘एआई इनोवेशन सिटी’ स्थापित करने की योजना बनाई गई है। ये केंद्र शोध और नवाचार को बढ़ावा देंगे, जिससे राज्य देश के प्रमुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब के रूप में उभरेगा। इन सुविधाओं के जरिए स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और उद्योगों को एक मंच मिलेगा, जहां वे नई तकनीकों को विकसित और परख सकेंगे।

हरित ऊर्जा को बढ़ावा: ‘मैजेस्टिक’ योजना

तकनीकी प्रगति के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी सरकार का विशेष ध्यान है। कैबिनेट ने हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘मैजेस्टिक’ योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का पूरा नाम ‘महाराष्ट्र एक्सेलेरेटिंग ग्रीन एनर्जी एंड स्टोरेज टेक्नोलॉजीज इंटीग्रेशन इन कनेक्टेड ग्रिड’ है। इस परियोजना को साकार करने के लिए विश्व बैंक से वित्तीय सहायता ली जाएगी। जल्द ही इस योजना की एक विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को प्रस्तुत की जाएगी, जिससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा के विकास को नई दिशा मिलेगी।

पर्यावरण संरक्षण के लिए 300 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य

महाराष्ट्र सरकार ने पर्यावरण को हरा-भरा बनाने और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। इसके लिए ‘ग्रीन महाराष्ट्र कमीशन’ के गठन को मंजूरी दी गई है। यह आयोग राज्य भर में एक बड़े पौधारोपण अभियान का नेतृत्व करेगा। इस अभियान के तहत 300 करोड़ नए पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जो राज्य में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मील का पत्थर साबित होगा।

इन सभी फैसलों से साफ है कि महाराष्ट्र सरकार तकनीकी विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। एआई नीति से जहां युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं ‘मैजेस्टिक’ योजना और वृहद पौधारोपण अभियान से राज्य को एक स्वच्छ और हरित भविष्य मिलेगा।