केरल बजट 2026-27: शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा निवेश, स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने पर जोर

केरल में दस वर्षों के अंतराल के बाद सत्ता में लौटी सरकार ने अपने पहले ही बजट में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए बजट में सामान्य शिक्षा विभाग के लिए 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि का उद्देश्य राज्य के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक स्तर को ऊपर उठाना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।

मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने बताया कि यह आवंटन शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और छात्रों के लिए बेहतर सीखने का माहौल तैयार करने के लिए किया गया है। सरकार की योजना केरल को एक वैश्विक ज्ञान केंद्र के रूप में स्थापित करने की है, जिसके लिए शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जाएंगे।

लड़कियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्कूल वातावरण

बजट में छात्राओं की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ‘लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए मासिक धर्म स्वच्छता पहल’ के तहत राज्य भर की सभी छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही, इस्तेमाल किए गए नैपकिन के सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल निपटान के लिए भी उचित व्यवस्था की जाएगी।

इस योजना के तहत निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:

  • स्कूलों में शौचालयों की सफाई और स्वच्छता सुनिश्चित करना।
  • छात्राओं के लिए अनुकूल और सुरक्षित माहौल तैयार करना।
  • मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित कार्यशालाएं आयोजित करना।
  • राज्य और जिला स्तर पर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करना।

वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए नई योजना

छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तर्कशक्ति विकसित करने के लिए सरकार ने ‘जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर साइंटिफिक टेम्पर’ नामक एक नई पहल शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में विज्ञान के प्रति रुचि जगाना और केरल को ज्ञान और नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाना है।

खेल और शारीरिक शिक्षा पर विशेष ध्यान

सामान्य शिक्षा के अंतर्गत मुख्यमंत्री ने खेल-कूद को पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों की शारीरिक फिटनेस सुधारने और भविष्य की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इस दिशा में टिकाऊ और आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बजट में आठ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह कदम छात्रों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।