ज्येष्ठ मास 2026: क्यों है यह महीना विशेष? जानिए आरंभ तिथि

हिंदू धर्म में ज्येष्ठ मास का अत्यधिक महत्व बताया गया है। यह समय केवल प्रचंड गर्मी के लिए ही नहीं, बल्कि भक्ति और सेवा के लिए भी जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस महीने में भगवान विष्णु, सूर्य देव और हनुमान जी की आराधना करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इसके अलावा, ज्येष्ठ मास में बड़ा मंगल, वट सावित्री व्रत और निर्जला एकादशी जैसे प्रमुख त्योहार भी आते हैं, जो इस अवधि को और अधिक प्रभावशाली बनाते हैं। मान्यता है कि जो भक्त इन पवन दिनों में श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। आइए जानते हैं कि वर्ष 2026 में यह मास कब प्रारंभ हो रहा है।

इस बार क्यों खास है ज्येष्ठ मास?

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 2 मई 2026 को रात 10 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगी, और इसी समय से इस पवित्र महीने का आरंभ माना जाएगा। वहीं, पूर्णिमा तिथि 29 जून 2026 को सुबह 3 बजकर 6 मिनट पर प्रारंभ होगी, जिसके साथ ज्येष्ठ मास का समापन होगा।

इस बार ज्येष्ठ मास और भी विशेष इसलिए है, क्योंकि अधिकमास के संयोग से यह सामान्य दिनों से लंबा होकर लगभग 59 दिनों तक चलेगा। यह दुर्लभ योग भक्ति, साधना और दान-पुण्य के लिए एक विशेष अवसर प्रदान करता है।

2026 में बड़ा मंगल की तिथियां

  • पहला बड़ा मंगल – 5 मई 2026
  • दूसरा बड़ा मंगल – 12 मई 2026
  • तीसरा बड़ा मंगल – 19 मई 2026
  • चौथा बड़ा मंगल – 26 मई 2026
  • पांचवां बड़ा मंगल – 2 जून 2026
  • छठा बड़ा मंगल – 9 जून 2026
  • सातवां बड़ा मंगल – 16 जून 2026
  • आठवां बड़ा मंगल – 23 जून 2026

यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग और धार्मिक ग्रंथों पर आधारित है। प्रस्तुत सूचना और तथ्यों की सटीकता व संपूर्णता के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं ली जाती है।