देश में मेडिकल शिक्षा का बड़ा विस्तार: 387 से 820 हुए मेडिकल कॉलेज, 75,000 नई सीटों का लक्ष्य

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हाल ही में पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के 39वें दीक्षांत समारोह में देश में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर 550 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। नड्डा ने अपने संबोधन में बताया कि सरकार मेडिकल शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है।

मेडिकल कॉलेजों और सीटों में अभूतपूर्व वृद्धि

नड्डा ने बताया कि पिछले एक दशक में देश में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आया है। जहां दस साल पहले देश में केवल 387 मेडिकल कॉलेज हुआ करते थे, वहीं आज यह संख्या बढ़कर 820 हो गई है। इसी तरह स्नातक (यूजी) सीटों की संख्या 51,000 से बढ़कर 1.26 लाख तक पहुंच गई है। स्नातकोत्तर (पीजी) सीटों में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है और ये 31,000 से बढ़कर 85,000 हो चुकी हैं।

सरकार ने अगले पांच वर्षों में यूजी और पीजी की 75,000 नई सीटें जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस दिशा में काम तेजी से जारी है और पिछले दो वर्षों में ही 28,000 नई सीटें जोड़ी जा चुकी हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि सरकार मेडिकल शिक्षा के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है।

तकनीक के साथ मानवीय संवेदनाओं का महत्व

अपने संबोधन में नड्डा ने चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ती तकनीकी प्रगति पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जीन थेरेपी और टेलीहेल्थ जैसी आधुनिक तकनीकें तेजी से विकसित हो रही हैं, लेकिन इनके साथ मानवीय संवेदनाओं का होना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज की सेवा और राष्ट्र निर्माण में करें। एक अच्छा डॉक्टर वही हो सकता है जो तकनीकी दक्षता के साथ-साथ मरीजों के प्रति संवेदनशीलता भी रखता हो।

शिक्षा और सेवा का आदर्श संतुलन

पीजीआईएमईआर के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने इस मौके पर कहा कि यहां से निकलने वाला हर छात्र सिर्फ शैक्षणिक उपलब्धि का प्रतीक नहीं है, बल्कि वह मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भावना का भी प्रतिनिधित्व करता है। पीजीआईएमईआर के पूर्व छात्र दुनिया भर में अहम पदों पर कार्यरत हैं, जो इस संस्थान की वैश्विक पहचान को और मजबूत करता है।

बुनियादी ढांचे में बड़े निवेश की योजना

प्रो. विवेक लाल ने पीजीआईएमईआर में होने वाले नए विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान में जल्द ही कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं:

  • एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर
  • मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र
  • अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक
  • एक मेडिकल म्यूजियम

इन सभी पहलों का उद्देश्य संस्थान में शिक्षा, शोध और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाना है। इसके अलावा, विभागों के विस्तार (फेज-2) के तहत एक समर्पित कार्डियक इमरजेंसी सुविधा भी शुरू की गई है। इससे हार्ट अटैक के मरीजों को तुरंत और विशेष उपचार मिल सकेगा, जिससे जान बचाने की संभावना बढ़ जाएगी।

पीजीआईएमईआर का यह 39वां दीक्षांत समारोह न सिर्फ छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का क्षण था, बल्कि इसने देश में मेडिकल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को भी मजबूती से रेखांकित किया।