ईरान संकट: भारतीय मेडिकल छात्रों की परीक्षाएं स्थगित करने की मांग

जम्मू और कश्मीर छात्र संघ (जेकेएसए) ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर ईरान में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे भारतीय छात्रों की परीक्षाओं को तत्काल स्थगित करने का अनुरोध किया है। यह मांग तेहरान स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी नवीनतम एडवाइजरी के मद्देनजर उठाई गई है, जिसमें सभी भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी गई है।

छात्रों की सुरक्षा और शैक्षणिक चिंताएं

संघ ने अपने पत्र में सरकार द्वारा समय पर जारी की गई सलाह की सराहना की, जिसमें भारतीय नागरिकों को ईरान से वापस लौटने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, जेकेएसए ने इस बात पर जोर दिया कि सैकड़ों भारतीय छात्र, जिनमें जम्मू-कश्मीर के बड़ी संख्या में युवा शामिल हैं, इस समय महत्वपूर्ण मेडिकल परीक्षाओं के बीच में हैं। ऐसे में उनके शैक्षणिक भविष्य को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है।

संघ का कहना है कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी छात्र को उन परिस्थितियों के कारण शिक्षा का नुकसान न उठाना पड़े, जो उनके नियंत्रण में नहीं हैं। छात्रों के लिए यह एक दुविधा भरी स्थिति है – एक ओर सुरक्षा के लिए ईरान छोड़ने की सलाह है, वहीं दूसरी ओर परीक्षाओं का दबाव भी बना हुआ है।

दूतावास की एडवाइजरी और सरकार का रुख

तेहरान में भारतीय दूतावास ने सोमवार को एक नई एडवाइजरी जारी कर ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से आग्रह किया कि वे उपलब्ध साधनों, जिनमें वाणिज्यिक उड़ानें शामिल हैं, का उपयोग करके देश छोड़ दें। दूतावास ने स्पष्ट किया कि यह परामर्श 5 जनवरी को जारी पिछले निर्देश का ही विस्तार है, जिसे ईरान में बदलते सुरक्षा हालात को देखते हुए दोहराया गया है।

एडवाइजरी में उल्लेख किया गया है कि ईरान में वर्तमान में मौजूद भारतीय नागरिक – चाहे वे छात्र हों, तीर्थयात्री हों, व्यवसायी हों या पर्यटक – सभी को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी जाती है। यह कदम ईरान में बढ़ते तनाव और अस्थिर सुरक्षा परिदृश्य के मद्देनजर उठाया गया है।

जेकेएसए की मुख्य मांगें

  • ईरान में पढ़ रहे भारतीय मेडिकल छात्रों की सभी परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए।
  • छात्रों को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए एक ठोस योजना बनाई जाए।
  • स्थगित परीक्षाओं के लिए वैकल्पिक तिथियां निर्धारित करने पर विचार किया जाए।
  • छात्रों के शैक्षणिक कैलेंडर को ध्यान में रखते हुए उनके भविष्य को सुरक्षित करने के उपाय किए जाएं।

गौरतलब है कि ईरान में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें से अधिकतर छात्र जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों से हैं। वर्तमान संकट ने न केवल उनकी सुरक्षा को खतरे में डाला है, बल्कि उनके शैक्षणिक करियर पर भी गंभीर प्रभाव डाला है। जेकेएसए का मानना है कि सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करके इन छात्रों के हितों की रक्षा करनी चाहिए और उनकी परीक्षाओं को स्थगित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।