झारखंड में टंकी का पानी पीने से 100 से अधिक छात्राएं बीमार, जानें गर्मियों में दूषित पानी के खतरे

गर्मियों के मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखना आवश्यक हो जाता है। एक छोटी सी लापरवाही भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। झारखंड के गढ़वा जिले में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) के हॉस्टल में रहने वाली 100 से अधिक छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इन छात्राओं ने स्कूल की ओवरहेड पानी की टंकी का पानी पिया था, जिसके बाद वे बीमार पड़ गईं। इस घटना में प्रशासनिक लापरवाही सामने आने पर वार्डन, एक शिक्षक और रसोइए को उनके पदों से हटा दिया गया है।

छात्राओं की बिगड़ती सेहत और प्रशासनिक कार्रवाई

हॉस्टल में लगभग 300 छात्राएं रहती हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, करीब 100 छात्राओं को पानी पीने के बाद उल्टी, पेट दर्द, चक्कर आना और कमजोरी जैसी शिकायतें होने लगीं। सभी बीमार छात्राओं को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें उचित उपचार दिया गया। कुछ छात्राओं को छोड़कर अधिकांश को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

खरौंधी प्रखंड प्रमुख ने आरोप लगाया कि छात्राएं लंबे समय से खराब खाने और साफ पानी की कमी की शिकायत कर रही थीं। भीषण गर्मी के कारण दिनभर प्लास्टिक की ओवरहेड टंकी में रखा पानी बहुत गर्म हो जाता था, जिसे पीने के लिए छात्राओं को मजबूर होना पड़ता था।

स्कूल की जांच में सामने आई लापरवाही

जिला स्तर पर की गई प्रारंभिक जांच में स्कूल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। स्कूल परिसर और रसोई की साफ-सफाई बेहद खराब पाई गई। हॉस्टल में आरओ सिस्टम लगा हुआ है, लेकिन छात्राओं को इसका उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाती थी। स्कूल के खाने और पानी के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं, ताकि बीमारी का सटीक कारण पता लगाया जा सके। फिलहाल यह माना जा रहा है कि गर्म या दूषित पानी पीने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

गर्मियों में गर्म पानी पीने के स्वास्थ्य पर प्रभाव

गर्मियों में सामान्य तापमान का साफ पानी पीना शरीर के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। लेकिन यदि पानी लंबे समय तक धूप में रखा रहे और अत्यधिक गर्म हो जाए, तो उसे पीना कई समस्याओं का कारण बन सकता है। केवल गर्म पानी होने से वह तुरंत नुकसानदायक नहीं बन जाता, लेकिन जब पानी का तापमान बहुत अधिक हो और वह लंबे समय तक टंकी में रखा रहे, तो उसमें बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं। विशेष रूप से टंकी का पानी पीना खतरनाक हो सकता है क्योंकि टंकियों की नियमित सफाई नहीं की जाती है।

टंकी का पानी क्यों है सेहत के लिए खतरनाक?

ओवरहेड टंकी का पानी पीना सुरक्षित नहीं माना जाता है। इसके पीछे कई कारण हैं:

  • टंकी की नियमित सफाई न होने पर उसमें धूल, मिट्टी, काई और कीड़े-मकोड़े जमा हो जाते हैं।
  • टंकी का ढक्कन अच्छी तरह बंद न होने पर पक्षियों की बीट या अन्य गंदगी उसमें गिर सकती है।
  • गर्म मौसम में ये सूक्ष्मजीव तेजी से बढ़ते हैं, जिससे पानी दूषित हो जाता है।
  • पानी की पाइपलाइन में लीकेज होने पर गंदा पानी भी टंकी तक पहुंच सकता है।
  • बिना फिल्टर या उबाले ऐसा पानी पीने से संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है।

दूषित पानी से होने वाली गंभीर बीमारियां

दूषित पानी पीने से कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं:

  • डायरिया (बार-बार पतले दस्त आना)
  • हैजा
  • टाइफाइड
  • हेपेटाइटिस ए और ई

छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में ये संक्रमण अधिक गंभीर रूप ले सकते हैं। यदि दूषित पानी के कारण लगातार उल्टी और दस्त हों, तो शरीर से पानी और आवश्यक खनिज तेजी से निकल जाते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन हो सकता है। गंभीर स्थिति में यह जानलेवा भी बन सकता है।