जेईई मेन 2026: अलग-अलग शिफ्टों में उत्तरों में भिन्नता से छात्र परेशान, 17 सवालों पर उठाई आपत्ति
इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन 2026 के जनवरी सत्र ने एक बार फिर छात्रों को असमंजस में डाल दिया है। विभिन्न पालियों में आयोजित परीक्षा के दौरान एक ही प्रश्न के कई सही उत्तर विकल्प होने या कुछ प्रश्नों के गलत होने की शिकायतें सामने आई हैं। इस वजह से परीक्षार्थियों ने कुल 17 प्रश्नों के उत्तरों को चुनौती देते हुए औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है।
परीक्षा पैटर्न को लेकर उलझन और समय की बर्बादी
उम्मीदवारों का कहना है कि प्रश्नपत्र में अस्पष्टता के कारण वे भ्रमित हुए और कीमती परीक्षा समय भी बर्बाद हुआ। छात्रों के अनुसार, कई प्रश्न ऐसे थे जिनके उत्तर विकल्पों में स्पष्टता नहीं थी, जिससे सही विकल्प चुनना मुश्किल हो गया। इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए छात्रों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) से अनुरोध किया है कि वह 12 फरवरी को मेरिट सूची जारी करने से पहले इस विषय पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करे।
बोनस अंक और गलत उत्तर कुंजी की मांग
परीक्षार्थियों की ओर से सुझाव दिया गया है कि जिन प्रश्नों की संरचना स्पष्ट नहीं है, उन्हें बोनस प्रश्न माना जाए। विशेष रूप से 22 जनवरी को भौतिकी विषय की पहली और दूसरी पाली में पूछे गए तीन प्रश्नों पर गंभीर आपत्ति दर्ज की गई है। छात्रों ने संभावित गलत उत्तर कुंजी और प्रश्नों में अस्पष्टता की शिकायत की है। एक प्रश्न के लिए बोनस अंक देने की मांग है, जबकि दूसरे प्रश्न में दो बेहद करीबी उत्तर विकल्पों को लेकर विवाद है, जिससे उत्तर कुंजी में लिपिकीय त्रुटि की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा, कई अन्य प्रश्नों पर भी आपत्तियां दर्ज की गई हैं।
चुनौती देने पर प्रति प्रश्न 200 रुपये का शुल्क बड़ी बाधा
इस पूरे विवाद के बीच एक बड़ी समस्या यह है कि छात्रों को प्रत्येक प्रश्न को चुनौती देने के लिए 200 रुपये का शुल्क देना पड़ता है। कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष केशव अग्रवाल ने इस ओर ध्यान दिलाया है। उनका कहना है कि जेईई मेन जैसी अत्यधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षा में एक अंक का अंतर भी छात्रों की रैंकिंग को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि गलत प्रश्न या उत्तर के कारण हुए समय के नुकसान को कभी ध्यान में नहीं रखा जाता और सामान्यीकरण की प्रक्रिया भी ऐसी त्रुटियों की भरपाई नहीं कर सकती।
छात्रों की प्रमुख शिकायतें
- एक ही प्रश्न के कई सही उत्तर विकल्प होने से भ्रम की स्थिति
- प्रश्नों की संरचना में स्पष्टता का अभाव
- गलत उत्तर कुंजी जारी होने की आशंका
- चुनौती देने के लिए अधिक शुल्क होने से आर्थिक बोझ
- समय की बर्बादी के बावजूद उसकी भरपाई न होना