जामिया मिलिया इस्लामिया ने पाठ्यक्रम में शामिल किए SWAYAM कोर्स, एक साथ पूरे हुए सेमेस्टर और प्रवेश परीक्षाओं के आयोजन
जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों में SWAYAM कोर्स को शामिल कर लिया है। यह पहल विश्वविद्यालय को डिजिटल शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा बदलाव मानी जा रही है। SWAYAM भारत सरकार का एक ऑनलाइन शिक्षण मंच है, जो छात्रों को विभिन्न विषयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है।
इसके साथ ही, विश्वविद्यालय प्रशासन ने 280 से अधिक शैक्षणिक कार्यक्रमों की सेमेस्टर के अंत में होने वाली परीक्षाओं और नए सत्र के लिए प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह कार्य एक साथ और निर्धारित समय सीमा के भीतर किया गया, जो विश्वविद्यालय की कुशल प्रशासनिक क्षमता को दर्शाता है।
लगभग 20 हजार छात्रों की परीक्षाएं समय पर संपन्न
विश्वविद्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों की सेमेस्टर परीक्षाएं 2 मई से 25 मई के बीच आयोजित की गईं। इन परीक्षाओं में लगभग 20,000 छात्रों ने भाग लिया। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय ने छात्रों और शिक्षकों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिससे उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और जमा करने की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सकी। इसके परिणामस्वरूप, लगभग 800 परीक्षाओं के परिणाम निर्धारित समय से पहले घोषित कर दिए गए।
समय पर परिणाम, ग्रेड शीट और अस्थायी डिग्री जारी होने से छात्रों को उच्च शिक्षा या नौकरी के लिए आवेदन करने में किसी भी प्रकार की देरी का सामना नहीं करना पड़ा। यह छात्रों के करियर की दृष्टि से एक बहुत ही सकारात्मक कदम है।
एक लाख से अधिक आवेदन, 16 शहरों में हुई प्रवेश परीक्षाएं
विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया भी लगभग पूरी कर ली है। 280 से अधिक शैक्षणिक कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस वर्ष स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।
प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन देश के 16 विभिन्न शहरों में किया गया, जिनमें दिल्ली, लखनऊ, पटना, श्रीनगर, जम्मू, जयपुर, गुवाहाटी, कोलकाता, मुंबई, भोपाल, देहरादून, बेंगलुरु, हैदराबाद और रांची जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।
- पीएचडी कार्यक्रम और रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी के सिविल सेवा कोचिंग कार्यक्रम के लिए भी अलग से प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की गईं।
- 25 कार्यक्रमों में प्रवेश सीयूईटी-यूजी स्कोर के आधार पर दिया जाएगा।
- बीटेक में प्रवेश जेईई (मेन) 2026 रैंकिंग और बीआर्क में प्रवेश एनएटीए 2026 रैंकिंग के आधार पर होगा।
- इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी बीएड) में प्रवेश एनसीईटी 2026 के आधार पर किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय के स्कूलों में कक्षा 6, 9 और 11 में प्रवेश के लिए पांच शहरों में परीक्षाएं आयोजित की गईं, जिनमें 53,500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।
परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
परीक्षा नियंत्रक एहतेशामुल हक ने बताया कि इस वर्ष बेहतर योजना और संसाधनों के सही उपयोग से सेमेस्टर परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं को लगभग एक साथ संचालित करना संभव हो सका। उन्होंने यह भी बताया कि परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और अनुचित गतिविधियों को रोकने के लिए विशेष सुरक्षा उपाय किए गए। सभी प्रवेश परीक्षा केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए, जिससे नकल और पहचान छुपाने जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगी।
कुलपति मजहर आसिफ ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि परीक्षाओं, प्रवेश प्रक्रिया और परिणामों की समय पर घोषणा से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक योजना और भविष्य के विकास को काफी बल मिलेगा। यह सुनिश्चित करता है कि छात्रों का शैक्षणिक कैलेंडर बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके।