जगन्नाथ रथ यात्रा 2026: पुरी में मंदिर दर्शन के बाद घूमने लायक 8 शानदार स्थान

16 जुलाई 2026 को ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन किया जाएगा। यह धार्मिक आयोजन दुनिया भर में लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। हर साल भारत और विदेशों से अनगिनत भक्त भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। लेकिन पुरी केवल आस्था का केंद्र ही नहीं है, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहर और समृद्ध संस्कृति का भी अद्भुत संगम है। जगन्नाथ मंदिर के आसपास कई ऐसे पर्यटन स्थल मौजूद हैं, जो आपकी यात्रा को आध्यात्मिक और आनंददायक दोनों बना सकते हैं। यदि आप रथ यात्रा के दौरान पुरी जाने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी यात्रा को केवल मंदिर दर्शन तक सीमित न रखें। आइए जानते हैं उन 8 खास जगहों के बारे में, जिन्हें आपको अपनी यात्रा सूची में जरूर शामिल करना चाहिए।

गोल्डन बीच

पुरी का गोल्डन बीच शहर के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। जगन्नाथ मंदिर से इसकी दूरी लगभग 1.5 से 2 किलोमीटर है, जहां आप ऑटो या साइकिल रिक्शा से आसानी से पहुंच सकते हैं। यह समुद्र तट अपनी साफ-सुथरी रेत और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां सूर्योदय और सूर्यास्त के अद्भुत नज़ारे देखने को मिलते हैं, जो हर पर्यटक को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। समुद्र की लहरों के बीच टहलना और ठंडी हवा का आनंद लेना एक यादगार अनुभव हो सकता है।

कोणार्क सूर्य मंदिर

पुरी से लगभग 35-36 किलोमीटर दूर स्थित कोणार्क सूर्य मंदिर भारतीय वास्तुकला का एक बेजोड़ नमूना है। मरीन ड्राइव रोड से होते हुए यहां पहुंचा जा सकता है। यह मंदिर भगवान सूर्य के विशाल रथ के आकार में बना है, जिसे सात शक्तिशाली घोड़े खींचते हुए प्रतीत होते हैं। इस मंदिर की विशेषता यह है कि इसे इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि सूर्य की पहली किरण सीधे गर्भगृह में प्रवेश करती है। यह प्राचीन खगोल विज्ञान और इंजीनियरिंग का अद्भुत संगम है। कोणार्क सूर्य मंदिर को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है, जो इसे और भी खास बनाता है।

चिलिका झील

एशिया की सबसे बड़ी खारे पानी की झील चिलिका झील पुरी से थोड़ी दूरी पर स्थित है। यह एक प्राकृतिक लैगून है, जो अपनी जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यह भारत में एकमात्र स्थान है जहां दुर्लभ इरावदी डॉल्फिन अपने प्राकृतिक आवास में देखी जा सकती हैं। झील के बीचोबीच एक द्वीप पर कालीजय माता का मंदिर भी स्थित है। यहां बोटिंग का आनंद लेना और डॉल्फिन को करीब से देखना एक रोमांचक अनुभव है। प्रवासी पक्षियों की अनेक प्रजातियां भी यहां देखी जा सकती हैं, जो प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग के समान है।

गुंडिचा मंदिर

गुंडिचा मंदिर को भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर कहा जाता है। यह मंदिर जगन्नाथ धाम से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। रथ यात्रा के दौरान यह स्थान विशेष महत्व रखता है, क्योंकि भगवान जगन्नाथ अपने भाई-बहन के साथ यहां कुछ दिनों के लिए विश्राम करने आते हैं। यहीं से रथ यात्रा की शुरुआत और समापन होती है। मंदिर की शांत और पवित्र आभा भक्तों को गहरी आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है।

रघुराजपुर हेरिटेज विलेज

पुरी शहर से लगभग 14 किलोमीटर दूर स्थित रघुराजपुर गांव ओडिशा की पारंपरिक कला और संस्कृति का जीवंत केंद्र है। यह स्थान अपनी पट्टाचित्र पेंटिंग, ताड़ के पत्तों पर नक्काशी और ओडिसी नृत्य के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस गांव की खासियत यह है कि यहां लगभग हर घर में एक कलाकार रहता है और हर घर एक कला स्टूडियो की तरह काम करता है। वर्ष 2000 में इसे ओडिशा का पहला हेरिटेज विलेज घोषित किया गया था। 2023 में इस गांव को भारत का सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव का सम्मान भी मिला है। यहां आकर आप स्थानीय कलाकारों को काम करते हुए देख सकते हैं और उनकी कला की बारीकियों को समझ सकते हैं।

स्वर्गद्वार बीच

जगन्नाथ मंदिर के निकट ही स्थित स्वर्गद्वार बीच को हिंदू धर्म में एक पवित्र स्थान माना जाता है। यह वह स्थान है जहां मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ के दर्शन के बाद आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह समुद्र तट शांत और सुंदर है, जहां आप समुद्र की लहरों के बीच समय बिता सकते हैं। यहां का वातावरण धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत करता है। सूर्यास्त के समय यह स्थान और भी खूबसूरत हो जाता है।

मार्कंडेय टैंक

पुरी में स्थित मार्कंडेय टैंक एक ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का जलाशय है। इसका संबंध ऋषि मार्कंडेय से जुड़ी किंवदंतियों से है। माना जाता है कि इस तालाब में स्नान करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। यह स्थान शांति और आध्यात्मिकता का अनुभव कराने वाला है। रथ यात्रा के दौरान यहां भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा सकती है।

लोकनाथ मंदिर

पुरी में स्थित लोकनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर अपनी प्राचीन वास्तुकला और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। जगन्नाथ मंदिर के दर्शन के बाद यहां आकर भक्त भगवान शिव का आशीर्वाद लेते हैं। मंदिर के आसपास का क्षेत्र हरियाली से भरा हुआ है, जो मन को शांति प्रदान करता है। यह स्थान उन लोगों के लिए विशेष है जो धार्मिक और आध्यात्मिक यात्रा के अनुभव को और गहरा बनाना चाहते हैं।