गर्मियों में कूलर से करंट का खतरा: बचाव के जरूरी उपाय

गर्मी के दिनों में कूलर राहत देने वाला एक जरूरी उपकरण है, लेकिन इसकी छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। हाल ही में वृन्दावन के इस्कॉन मंदिर में एक दुखद घटना सामने आई, जहां कूलर और मिस्ट फैन में करंट आने से एक युवक की मौत हो गई। यह घटना हमें याद दिलाती है कि कूलर का इस्तेमाल करते समय सुरक्षा के प्रति सचेत रहना कितना जरूरी है। आइए जानते हैं कि कूलर किन कारणों से खतरनाक हो सकता है और इससे बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

कूलर क्यों बन सकता है जान का दुश्मन?

कूलर के अंदर पानी और बिजली के पुर्जे एक साथ मौजूद होते हैं। इसमें मोटर, तार और पंप जैसे इलेक्ट्रिकल पार्ट्स होते हैं, जो पानी के संपर्क में आते हैं। अगर वायरिंग पुरानी हो जाए, अर्थिंग सही न हो या मोटर में कोई लीकेज हो, तो पूरे कूलर की बॉडी में करंट फैल सकता है। खासतौर पर पुराने मेटल बॉडी वाले कूलर में यह खतरा काफी बढ़ जाता है, क्योंकि धातु बिजली का अच्छा संवाहक होती है।

प्लास्टिक बॉडी वाला कूलर क्यों है ज्यादा सुरक्षित?

आमतौर पर यह सुना जाता है कि प्लास्टिक बॉडी वाले कूलर ज्यादा सुरक्षित होते हैं। इसकी वजह यह है कि प्लास्टिक बिजली का संचालन नहीं करता। अगर कूलर के अंदर कोई तकनीकी खराबी आ भी जाए, तो इसकी बाहरी सतह पर करंट आने की संभावना बहुत कम होती है। दूसरी तरफ, मेटल बॉडी वाले कूलर में बिजली का झटका लगने का जोखिम अधिक रहता है, इसलिए ऐसे कूलर का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

कूलर इस्तेमाल करते समय बरतें ये सावधानियां

  • कूलर में पानी भरते समय या उसकी जांच करते वक्त हमेशा चप्पल या जूते पहनें। नंगे पैर कूलर के पास जाना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि गीली जमीन पर करंट का प्रभाव ज्यादा घातक होता है।
  • अपने घर की अर्थिंग की नियमित जांच करवाएं। खराब अर्थिंग के कारण कूलर में लीकेज होने पर करंट नीचे नहीं उतर पाता और पूरे उपकरण में फैल जाता है।
  • कूलर को हमेशा तीन पिन वाले प्लग से जोड़ें और सुनिश्चित करें कि सॉकेट में अर्थिंग सही तरीके से जुड़ी हो।

सर्विसिंग के दौरान इन गलतियों से बचें

ज्यादातर लोग कूलर की सर्विसिंग पर तब तक ध्यान नहीं देते, जब तक वह पूरी तरह खराब न हो जाए। लेकिन नियमित देखभाल से हादसों को रोका जा सकता है। सर्विसिंग के दौरान निम्नलिखित बातों का पालन करें:

प्रोफेशनल टेक्निशियन की मदद लें

अगर कूलर की मोटर, पंप या वायरिंग में कोई खराबी आ जाए, तो खुद मरम्मत करने की कोशिश न करें। इससे अनहोनी हो सकती है। हमेशा किसी प्रशिक्षित और सर्टिफाइड टेक्निशियन को ही बुलाएं, जो सही तरीके से समस्या का पता लगा सके और उसे ठीक कर सके।

पावर सप्लाई बंद करना न भूलें

अगर आप खुद कूलर की सफाई करना चाहते हैं, तो सबसे पहले उसका प्लग सॉकेट से निकाल दें। बिजली की आपूर्ति पूरी तरह बंद करने के बाद ही कूलर के अंदर हाथ डालें। इसके अलावा, पानी को पूरी तरह सूखने दें, ताकि कोई भी नमी बाकी न रहे।

चालू कूलर में न करें छेड़छाड़

कई लोग कूलर चालू रहने पर ही उसकी पानी की नली साफ करने लगते हैं या हनीकॉम्ब पैड को ठीक करने की कोशिश करते हैं। यह बेहद खतरनाक है, क्योंकि मोटर पानी के अंदर डूबी होती है और ऑन स्टेट में इसके संपर्क में आने से करंट लग सकता है। कूलर को बंद करने के बाद ही कोई भी मरम्मत या सफाई करें।

तारों की नियमित जांच करें

अगर आपका कूलर पुराना हो गया है, तो उसके तारों और जोड़ों की जांच जरूर करें। कटे या फटे तारों को तुरंत बदलवाएं। वाटरप्रूफ टेप का ही इस्तेमाल करें और ध्यान रखें कि कोई भी लाइव तार कूलर की बॉडी या पानी के संपर्क में न आए। नियमित जांच से किसी भी बड़े हादसे को टाला जा सकता है।