इरिट्रिया: वह देश जहां आज भी इंटरनेट नहीं पहुंचा

आज के डिजिटल युग में जहां हर कोई इंटरनेट पर निर्भर है, वहीं एक देश ऐसा भी है जहां यह सुविधा आज तक नहीं पहुंच पाई है। यहां के लोग अब भी पुराने पारंपरिक तरीकों से ही दुनिया से जुड़े रहते हैं। गूगल, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया जैसी चीजें यहां लगभग अनजान हैं।

कौन सा है यह देश?

पूर्वी अफ्रीका में स्थित इरिट्रिया (Eritrea) वह देश है, जिसे दुनिया के सबसे कम डिजिटली जुड़े देशों में गिना जाता है। यहां इंटरनेट की पहुंच बेहद सीमित है और बहुत कम लोग ही इसका इस्तेमाल कर पाते हैं। इसकी मुख्य वजह यहां की सरकारी नीतियां और सख्त नियंत्रण है।

सरकारी नियंत्रण और सीमित सेवाएं

इरिट्रिया में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से सरकार के नियंत्रण में हैं। निजी इंटरनेट सेवा प्रदाता यहां लगभग न के बराबर हैं। जो थोड़ी बहुत सुविधा उपलब्ध है, वह भी सरकारी नेटवर्क के जरिए ही मिलती है। इस वजह से आम नागरिकों के लिए इंटरनेट तक पहुंचना बेहद मुश्किल है।

धीमी स्पीड और ऊंची लागत

यहां सिर्फ सरकारी नियंत्रण ही नहीं, बल्कि कमजोर बुनियादी ढांचा भी एक बड़ी समस्या है। इंटरनेट की स्पीड बहुत धीमी है और इसकी कीमत काफी अधिक है। यही कारण है कि जिन लोगों के पास इंटरनेट की सुविधा है, वे भी इसका ज्यादा इस्तेमाल नहीं कर पाते।

डिजिटल उपकरणों की कमी

देश में कुछ इंटरनेट कैफे जरूर मौजूद हैं, लेकिन वहां भी सख्त नियम लागू होते हैं। इसके अलावा, अधिकांश लोगों के पास न तो पर्सनल कंप्यूटर हैं और न ही इंटरनेट चलाने वाले स्मार्टफोन। डिजिटल उपकरणों की कमी भी इंटरनेट की पहुंच को सीमित करती है।

दुनिया से जुड़ने के पारंपरिक तरीके

इरिट्रिया में लोग अब भी पारंपरिक साधनों पर निर्भर हैं। रेडियो, समाचार पत्र और आमने-सामने की बातचीत ही यहां सूचना के मुख्य स्रोत हैं। यह स्थिति बताती है कि डिजिटल क्रांति के इस दौर में भी कुछ देश आज भी इससे अछूते हैं।

  • इरिट्रिया में इंटरनेट की पहुंच बेहद सीमित है
  • सरकारी नियंत्रण के कारण निजी सेवाएं उपलब्ध नहीं
  • इंटरनेट की स्पीड धीमी और लागत अधिक है
  • डिजिटल उपकरणों की कमी एक बड़ी बाधा है
  • पारंपरिक माध्यम अब भी मुख्य सूचना स्रोत हैं