इंटरनेट की रफ्तार ने तोड़ा सारे रिकॉॉर्ड, 430 टेराबिट प्रति सेकंड की हुई उपलब्धि
वैज्ञानिकों ने इंटरनेट की दुनिया में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 430 टेराबिट प्रति सेकंड (Tbps) की अभूतपूर्व गति हासिल की है। यह गति इतनी अविश्वसनीय है कि 80 जीबी का एक बड़ा गेम या फिल्म पलक झपकने से भी कम समय में डाउनलोड हो सकती है। यह उपलब्धि भविष्य के 7जी नेटवर्क की दिशा में एक बड़ी छलांग मानी जा रही है।
कल्पना कीजिए कि जिस समय में आप अपनी पलक झपकाते हैं, उससे भी सैकड़ों गुना कम समय में आप एक पूरी फिल्म या भारी-भरकम गेम डाउनलोड कर सकते हैं। ब्रिटेन की एस्टन यूनिवर्सिटी और जापान के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशंस टेक्नोलॉजी (NICT) के शोधकर्ताओं ने यह कारनामा करके दिखाया है। उन्होंने 4,30,000 जीबीपीएस की डेटा ट्रांसफर स्पीड हासिल करके पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस रफ्तार से 80 जीबी का गेम महज एक मिलीसेकंड में डाउनलोड किया जा सकता है, जो सेकंड के एक हजारवें हिस्से के बराबर है। आमतौर पर एक इंसान को पलक झपकने में 100 से 400 मिलीसेकंड का समय लगता है।
बिना नए केबल के बढ़ाई गई स्पीड
इस खोज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए किसी नई या विशेष प्रकार की केबल की जरूरत नहीं पड़ी। वैज्ञानिकों ने उन्हीं मानक ऑप्टिकल फाइबर केबलों का उपयोग किया है, जो वर्तमान में दुनिया भर में इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने के लिए जमीन के नीचे बिछी हुई हैं। केबलों को बदलने के बजाय, शोधकर्ताओं ने डेटा भेजने के तरीके में बदलाव किया। उन्होंने प्रकाश तरंगों के उन हिस्सों का दोहन किया, जिन्हें पहले अनुपयोगी समझकर छोड़ दिया जाता था। इस नई तकनीक की मदद से कम बैंडविड्थ में भी अधिक मात्रा में डेटा भेजा जा सकता है।
पिछले रिकॉर्ड भी हुए ध्वस्त
यह उसी वैज्ञानिक टीम की उपलब्धि है, जिसने पहले 402 टीबीपीएस की गति का रिकॉर्ड बनाया था। इसके अलावा, जापान में ही एक अन्य परीक्षण में 1.02 पेटाबिट प्रति सेकंड की गति हासिल की गई थी, लेकिन वह बहुत लंबी दूरी (1,808 किलोमीटर) के लिए थी। नीदरलैंड के वैज्ञानिकों ने तो बिना किसी केबल के, हवा में प्रकाश किरणों के माध्यम से 5.7 टीबीपीएस की गति का सफल परीक्षण भी किया है।
7G अनुसंधान के लिए क्यों महत्वपूर्ण?
डेनमार्क में आयोजित 51वीं ऑप्टिकल कम्यूनिकेशन कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत इस शोध से यह संकेत मिलता है कि मौजूदा ऑप्टिकल फाइबर में अभी भी अपार संभावनाएं छिपी हुई हैं। यही कारण है कि इसे भविष्य की वायरलेस तकनीक, विशेष रूप से 7जी अनुसंधान के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। हालांकि, वैज्ञानिकों ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये सभी परिणाम नियंत्रित प्रयोगशाला परिस्थितियों में प्राप्त किए गए हैं। इन्हें सस्ती, टिकाऊ और बड़े पैमाने पर उपयोग की जाने वाली नेटवर्क तकनीक में बदलना अभी एक लंबी प्रक्रिया है, जिसमें समय लग सकता है।