भारत में खरीदारी का नया दौर: रील्स और शॉर्ट वीडियो से बढ़ रही है खरीदारी
भारत में खरीदारी का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब लोग किसी उत्पाद की जानकारी के लिए सीधे सर्च इंजन पर जाने के बजाय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रील्स और शॉर्ट वीडियो देखकर निर्णय ले रहे हैं। मेटा और रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की एक संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, छोटे वीडियो, कंटेंट क्रिएटर्स और मैसेजिंग ऐप्स मिलकर खरीदारी के अनुभव को पूरी तरह से नया रूप दे रहे हैं।
सोशल मीडिया बना प्रमुख खोज मंच
रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि भारत में लगभग 77 प्रतिशत रिटेल ब्रांड और उत्पादों की खोज अब सोशल मीडिया के माध्यम से होती है। हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से 96 प्रतिशत खोजें मेटा के प्लेटफॉर्म्स पर हो रही हैं। यह आंकड़ा साफ करता है कि उपभोक्ता पारंपरिक तरीकों को छोड़कर अपनी सोशल फीड को स्क्रॉल करते हुए ही नए उत्पादों को ढूंढ रहे हैं।
शॉर्ट-फॉर्म वीडियो का बढ़ता दबदबा
रिपोर्ट के मुताबिक, 97 प्रतिशत उपभोक्ता रोजाना शॉर्ट-फॉर्म वीडियो देखते हैं। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बिताए जाने वाले कुल समय का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा अब वीडियो कंटेंट पर खर्च हो रहा है। यह बदलाव दर्शाता है कि दृश्यात्मक और त्वरित जानकारी देने वाला कंटेंट ग्राहकों को अधिक आकर्षित कर रहा है। लोग अब लंबे लेख या विवरण पढ़ने के बजाय छोटे वीडियो के जरिए उत्पाद की विशेषताओं को समझना पसंद कर रहे हैं।
ओमनीचैनल ग्राहकों का खर्च अधिक
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि जो ग्राहक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से खरीदारी करते हैं, वे केवल एक चैनल का उपयोग करने वालों की तुलना में 2.5 गुना अधिक खर्च करते हैं। अगर कोई ग्राहक सोशल मीडिया, वेबसाइट और स्टोर विजिट जैसे कई टचपॉइंट्स के जरिए ब्रांड से जुड़ता है, तो उसका खर्च 73 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। यह आंकड़ा बताता है कि ब्रांड्स को अपनी रणनीति में सभी चैनलों को शामिल करना होगा।
‘फिजिटल’ शॉपिंग का बढ़ता चलन
भारत में अब फिजिकल और डिजिटल शॉपिंग का मिश्रण यानी ‘फिजिटल’ ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। आधे से अधिक ग्राहक किसी स्टोर पर जाने से पहले ऑनलाइन रिसर्च करते हैं। वहीं, बड़ी संख्या में लोग पहले स्टोर में जाकर उत्पाद की जानकारी लेते हैं और बाद में ऑनलाइन खरीदारी करते हैं। यह ट्रेंड दिखाता है कि उपभोक्ता दोनों माध्यमों का एक साथ उपयोग कर रहे हैं और वे केवल एक तरीके पर निर्भर नहीं हैं।
व्हाट्सएप बना नया कॉमर्स टूल
रिपोर्ट के अनुसार, 72 प्रतिशत उत्पाद खोज अब व्हाट्सएप पर हो रही है। मेटा इंडिया की ई-कॉमर्स और रिटेल डायरेक्टर के अनुसार, रिटेल कंपनियों को रील्स और क्रिएटर्स का बेहतर उपयोग करना चाहिए। साथ ही, ओमनीचैनल परफॉर्मेंस मार्केटिंग को अपनाना और व्हाट्सएप को एक व्यक्तिगत कॉमर्स चैनल के रूप में विकसित करना जरूरी है। यह रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि भारत में रिटेल का भविष्य सोशल मीडिया, एआई और मैसेजिंग ऐप्स के आसपास ही घूमेगा। जो ब्रांड डिजिटल और ऑफलाइन दोनों चैनलों को जोड़कर एक मजबूत रणनीति बनाएंगे, वे इस प्रतिस्पर्धी बाजार में आगे रहेंगे।
- भारत में 77% उत्पाद खोज सोशल मीडिया पर होती है।
- 97% उपभोक्ता रोजाना शॉर्ट-फॉर्म वीडियो देखते हैं।
- ओमनीचैनल ग्राहक 2.5 गुना अधिक खर्च करते हैं।
- 72% उत्पाद खोज व्हाट्सएप के जरिए हो रही है।