भारतीयों की डेटा खपत ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, हर महीने 31 जीबी से अधिक इस्तेमाल

भारत में डिजिटल क्रांति ने एक नया मुकाम हासिल कर लिया है। नोकिया के मोबाइल ब्रॉडबैंड इंडेक्स 2026 के अनुसार, देश में प्रति उपयोगकर्ता औसत मासिक डेटा खपत 31 जीबी के पार पहुंच गई है। यह आंकड़ा पिछले कुछ वर्षों में भारतीयों के इंटरनेट उपयोग के तरीके में आए जबरदस्त बदलाव को दर्शाता है। 5G सेवाओं के तेजी से विस्तार ने इस वृद्धि को और गति दी है।

5G नेटवर्क का बढ़ता दबदबा

रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में देश में 5G डेटा ट्रैफिक में साल-दर-साल 70 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई। कुल मोबाइल ब्रॉडबैंड ट्रैफिक में 5G का योगदान लगभग 47 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो 12.9 एक्साबाइट (EB) के बराबर है। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G उपयोगकर्ता आधार वाला देश बन गया है। सिर्फ इतना ही नहीं, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) उपयोगकर्ताओं के मामले में भी भारत वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर है। मेट्रो शहरों में 5G का प्रभाव सबसे अधिक है, जहां कुल मोबाइल डेटा ट्रैफिक का करीब 58 प्रतिशत हिस्सा 5G नेटवर्क से आता है। हालांकि, अब यह विस्तार सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि ए, बी और सी श्रेणी के सर्किलों में भी तेजी से फैल रहा है।

डेटा खपत में वृद्धि के प्रमुख कारण

पिछले पांच वर्षों में भारत में डेटा खपत में 18 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की गई है। इस वृद्धि के पीछे कई प्रमुख कारण हैं:

  • AI आधारित एप्लिकेशन और सेवाओं का बढ़ता उपयोग
  • 4K वीडियो स्ट्रीमिंग और हाई-डेफिनिशन कंटेंट की बढ़ती मांग
  • क्लाउड गेमिंग जैसे डेटा-गहन प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता
  • सस्ते 5G स्मार्टफोन की उपलब्धता और बेहतर नेटवर्क कवरेज

साल 2025 में कुल डेटा ट्रैफिक 27 एक्साबाइट प्रति माह के आंकड़े को पार कर गया, जो भारत के डिजिटल भविष्य की ओर एक बड़ा कदम है।

डिवाइस इकोसिस्टम में बदलाव

रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में देश में 892 मिलियन 4G डिवाइस सक्रिय थे, जिनमें से 383 मिलियन डिवाइस 5G तकनीक को सपोर्ट करते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वर्ष के दौरान बिकने वाले 90 प्रतिशत से अधिक स्मार्टफोन 5G सक्षम थे। यह दर्शाता है कि भारतीय उपभोक्ता तेजी से 5G तकनीक को अपना रहे हैं और डिवाइस इकोसिस्टम भी इस बदलाव के अनुरूप खुद को ढाल रहा है।

भविष्य की संभावनाएं

नोकिया की रिपोर्ट में भविष्य को लेकर काफी उत्साहजनक अनुमान लगाए गए हैं। अनुमान है कि 2031 तक भारत में 5G उपयोगकर्ताओं की संख्या 1 बिलियन से अधिक हो सकती है। साथ ही, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक नेटवर्क ट्रैफिक के पैटर्न को और अधिक तेजी से बदलने वाली है। नोकिया इंडिया की प्रतिनिधि विभा मेहरा के अनुसार, भारत का मोबाइल ब्रॉडबैंड क्षेत्र एक नए युग में प्रवेश कर रहा है, जहां 5G और AI मिलकर भविष्य की कनेक्टिविटी का निर्धारण करेंगे। यह बदलाव न केवल शहरी क्षेत्रों बल्कि ग्रामीण भारत में भी डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देगा।