भारतीयों की डिजिटल दुनिया: रील्स का जादू, शॉपिंग में महिलाओं की बादशाहत
स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय अपने फोन पर सबसे ज्यादा क्या कर रहे हैं? IAMAI और VTION की एक ताजा रिपोर्ट ने इस सवाल का जवाब दिया है। यह रिपोर्ट भारतीयों की बदलती डिजिटल आदतों पर रोशनी डालती है, जिसमें युवाओं का रील्स के प्रति आकर्षण और महिलाओं का ऑनलाइन शॉपिंग में दबदबा साफ नजर आता है। आइए, इस रिपोर्ट की प्रमुख बातों को विस्तार से समझते हैं।
युवाओं की पहली पसंद: सोशल मीडिया और रील्स
रिपोर्ट के मुताबिक, 18 से 24 साल के युवा (जेन Z) सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सबसे ज्यादा सक्रिय हैं। ये युवा हर दिन औसतन 2 घंटे से अधिक समय रील्स देखने, दोस्तों से चैट करने और नए कंटेंट को एक्सप्लोर करने में बिता रहे हैं। देश में एक औसत यूजर का सोशल मीडिया पर बिताया जाने वाला समय लगभग 97.9 मिनट है, लेकिन युवा इस औसत को काफी पीछे छोड़ देते हैं। यह आंकड़ा बताता है कि छोटे और तेज वीडियो का क्रेज भारतीय युवाओं के बीच कितना गहरा है।
35 प्लस की पसंद: ओटीटी और मनोरंजन
डिजिटल दुनिया का असर सिर्फ युवाओं तक सीमित नहीं है। 35 साल और उससे अधिक उम्र के लोग भी तेजी से पारंपरिक टीवी से हटकर मोबाइल स्क्रीन की ओर रुख कर रहे हैं। यह वर्ग मनोरंजन एप्स, खासकर ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और वीडियो स्ट्रीमिंग साइट्स पर सबसे ज्यादा समय बिताता है। रिपोर्ट के अनुसार, इस उम्र के लोग हर दिन औसतन 77.2 मिनट मनोरंजन संबंधी एप्स पर बिताते हैं। यह दर्शाता है कि डिजिटल कंटेंट अब हर उम्र के लोगों तक पहुंच रहा है।
ऑनलाइन शॉपिंग में महिलाओं का दबदबा
अक्सर यह माना जाता है कि ऑनलाइन शॉपिंग में पुरुष आगे हैं, लेकिन यह रिपोर्ट इस धारणा को तोड़ती है। ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स एप्स के इस्तेमाल में 18 से 24 साल की महिलाएं पुरुषों की तुलना में 47% आगे हैं। खासकर महानगरों में रहने वाली 25 से 34 साल की महिलाएं रोजाना औसतन 35.2 मिनट शॉपिंग एप्स पर बिताती हैं, जबकि इसी उम्र के पुरुष केवल 24.8 मिनट ही देते हैं। यह आंकड़ा साफ करता है कि महिलाएं डिजिटल शॉपिंग की नई रानी बनकर उभरी हैं।
ब्लिंकिट, मीशो और मिंत्रा पर महिलाओं की बढ़त
रिपोर्ट में कुछ लोकप्रिय शॉपिंग एप्स के यूजर डेटा भी शेयर किए गए हैं, जो महिलाओं के दबदबे को और पुख्ता करते हैं। मीशो पर 61% यूजर महिलाएं हैं, जबकि ब्लिंकिट पर 57% और मिंत्रा पर 54% महिलाएं हैं। यह आंकड़ा बताता है कि अगर कोई ई-कॉमर्स ब्रांड महिलाओं की जरूरतों और पसंद को ध्यान में रखकर रणनीति नहीं बनाता, तो उसके लिए बाजार में टिकना मुश्किल हो सकता है। महिलाएं अब सिर्फ खरीदार ही नहीं, बल्कि डिजिटल इकोनॉमी की मुख्य चालक बन गई हैं।
चैटिंग और एआई का बढ़ता प्रभाव
सोशल मीडिया और शॉपिंग के अलावा, भारतीय अब नई तकनीकों को भी तेजी से अपना रहे हैं। मैसेजिंग एप्स जैसे व्हाट्सएप पर लोग हर दिन औसतन 58.6 मिनट बिताते हैं, जो चैटिंग के प्रति उनकी लगातार बढ़ती लत को दिखाता है। वहीं, फाइनेंस सेक्टर में लोन एप्स के यूजर्स में 30% की बढ़ोतरी हुई है। लेकिन सबसे चौंकाने वाली ग्रोथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एप्स में देखी गई है। इन एप्स के इस्तेमाल में 100% से अधिक का उछाल आया है, जो बताता है कि भारतीय अब एआई टूल्स को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल कर रहे हैं, चाहे वह काम के लिए हो या निजी इस्तेमाल के लिए।
यह रिपोर्ट भारत के डिजिटल भविष्य की एक साफ तस्वीर पेश करती है, जहां युवा रील्स में खोए हुए हैं, महिलाएं शॉपिंग की दुनिया पर राज कर रही हैं, और एआई हर किसी की जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है।