आईआईटी में बीटेक प्रथम वर्ष का नया सत्र: जुलाई के तीसरे सप्ताह से शुरू होगी पढ़ाई

देशभर के सभी 23 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में बीटेक प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 20 जुलाई से होने जा रही है। सत्र 2026-27 के तहत जुलाई के तीसरे सप्ताह में प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद नए छात्रों के लिए एक सप्ताह का ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें उन्हें कैंपस, शिक्षकों और अन्य छात्रों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

ओरिएंटेशन प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य नए विद्यार्थियों को उनकी नई कैंपस लाइफ से परिचित कराना है, ताकि वे परिवार से दूर रहने के कारण होने वाली झिझक, डर या अकेलेपन से बाहर निकल सकें। इस प्रक्रिया के बाद ही नियमित कक्षाओं की शुरुआत होगी।

ओरिएंटेशन और इंडक्शन के बाद शुरू होंगी कक्षाएं

आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी कामकोटि के अनुसार, 23 और 24 जुलाई को दाखिला प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। इसके साथ ही बीटेक प्रथम वर्ष के छात्रों के नए सत्र की शुरुआत हो जाएगी। ओरिएंटेशन कार्यक्रम के बाद इंडक्शन प्रोग्राम चलेगा, जिसमें छात्रों को नए माहौल में खुद को ढालने का मौका मिलेगा। इसके बाद ही कक्षाएं शुरू होंगी।

अलग-अलग आईआईटी में अलग कार्यक्रम

विभिन्न आईआईटी में नए सत्र की शुरुआत की तारीखों में मामूली अंतर है। यहां कुछ प्रमुख संस्थानों का विवरण दिया गया है:

  • आईआईटी बीएचयू: यहां 22 जुलाई से नए सत्र का आगाज होगा। पहले छात्र पंजीकरण करेंगे, उसके बाद 27 से 30 जुलाई तक हॉस्टल आवंटन और बायोमेट्रिक पंजीकरण होगा। 30 जुलाई को ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद 30 जुलाई से 5 अगस्त तक इंडक्शन प्रोग्राम चलेगा। अंत में 7 अगस्त से कक्षाएं शुरू होंगी।
  • आईआईटी दिल्ली: यहां 22 जुलाई से रिपोर्टिंग शुरू हो रही है। इसके बाद ओरिएंटेशन प्रोग्राम और फिर नियमित कक्षाएं शुरू होंगी।
  • आईआईटी जोधपुर: यहां 27 जुलाई से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो रही है।
  • आईआईटी गुवाहाटी: अकादमिक कोर्स के डीन प्रोफेसर दिगांता गोस्वामी के अनुसार, यहां 20 जुलाई से नए सत्र का आगाज होगा।

सभी आईआईटी में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नए छात्रों को कैंपस में बसने और शैक्षणिक माहौल को समझने के लिए पर्याप्त समय मिले। इसके लिए ओरिएंटेशन और इंडक्शन प्रोग्राम को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है, ताकि छात्र बिना किसी तनाव के अपनी पढ़ाई की शुरुआत कर सकें।