ICSI के नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की घोषणा
भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (ICSI) में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। संस्थान ने सीएस पवन जी चंदक को अपना नया अध्यक्ष और सीएस द्वारकानाथ चेनूर को उपाध्यक्ष चुना है। यह नियुक्ति 19 जनवरी 2026 से प्रभावी है, और दोनों ने अपनी नई भूमिकाओं में कार्यभार संभाल लिया है। सीएस पवन जी चंदक अब संस्थान के शीर्ष पद पर रहते हुए ICSI का मार्गदर्शन करेंगे।
सीएस पवन जी चंदक: अनुभव और योगदान
सीएस पवन जी चंदक का ICSI से जुड़ाव कई वर्षों पुराना है और उन्होंने संस्थान में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवा दी है। वर्ष 2025 में उन्होंने ICSI के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया। इससे पहले, वे 2023-2026 के कार्यकाल के लिए ICSI की केंद्रीय परिषद के सदस्य चुने गए। इसके अतिरिक्त, 2019-2022 के दौरान वे पश्चिमी भारत क्षेत्रीय परिषद (WIRC) के सदस्य रहे, जहां उन्होंने 2019 में सचिव, 2020 में उपाध्यक्ष और 2021 में अध्यक्ष की भूमिका निभाई।
क्षेत्रीय स्तर पर भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। सीएस पवन जी चंदक ने WIRC के पुणे चैप्टर में सक्रिय भूमिका निभाई और वर्ष 2012 तथा 2017 में पुणे चैप्टर के अध्यक्ष चुने गए।
पेशेवर जीवन की बात करें तो, वे एक अनुभवी नेता हैं जिन्होंने कॉर्पोरेट और संबद्ध कानूनों में संगठनों का मार्गदर्शन किया है। उनके पास जोखिम प्रबंधन, नई प्रणालियों को लागू करने और परिचालन दक्षता में सुधार करने का 20 वर्षों से अधिक का सिद्ध अनुभव है। वे एक स्वतंत्र निदेशक और सलाहकार के रूप में बड़े कॉर्पोरेट घरानों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ काम कर चुके हैं। कॉर्पोरेट कानूनी मामलों, सौदों की संरचना और विलय-एकीकरण से जुड़ी चुनौतियों की उनकी गहरी समझ उन्हें इस क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान दिलाती है।
सीएस द्वारकानाथ चेनूर: शैक्षिक पृष्ठभूमि और विशेषज्ञता
ICSI के नवनियुक्त उपाध्यक्ष सीएस द्वारकानाथ चेनूर संस्थान के फेलो सदस्य हैं। उन्होंने श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक और गुलबर्गा विश्वविद्यालय से विधि स्नातक (एलएलबी) की डिग्री प्राप्त की है। वे एक दिवालियापन विशेषज्ञ होने के साथ-साथ सूचीबद्ध सामाजिक लेखा परीक्षक भी हैं।
उनके करियर की शुरुआत 1992 में एक कंपनी सचिव के रूप में हुई। लगभग एक दशक तक विभिन्न कंपनियों में काम करने के बाद, उन्होंने 2002 में वकालत शुरू की। वर्तमान में वे कंपनी अधिनियम, विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के नियमों के तहत निजी और सार्वजनिक कंपनियों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इनमें सूचीबद्ध कंपनियां और विदेशी कंपनियों की सहायक इकाइयां शामिल हैं। उनकी मुख्य विशेषज्ञता कॉर्पोरेट कानून और दिवालियापन एवं दिवालिया संहिता, 2016 से जुड़े मामलों में है।
ICSI में योगदान और जिम्मेदारियां
सीएस द्वारकानाथ चेनूर ने ICSI में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे वर्ष 2025 में विनियम एवं चुनाव सुधार समिति के अध्यक्ष, 2024 में पीसीएस समिति के अध्यक्ष और 2023 में पीयर रिव्यू समिति के अध्यक्ष रहे। वे 2023-2026 के कार्यकाल के लिए ICSI की केंद्रीय परिषद के सदस्य भी चुने गए हैं। इससे पहले, उन्होंने 2019 और 2020 में सचिवालय मानक बोर्ड के सदस्य के रूप में भी कार्य किया।
क्षेत्रीय स्तर पर उनकी भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। वे 2011 से 2014 तक दक्षिण भारत क्षेत्रीय परिषद (SIRC) के सदस्य रहे और 2013 में SIRC के अध्यक्ष बने। इसके अलावा, वे 2004-2006 और 2007-2010 के दौरान लगातार दो कार्यकालों तक ICSI बैंगलोर चैप्टर की प्रबंध समिति के सदस्य रहे और 2007 में बैंगलोर चैप्टर के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
दोनों नेताओं का व्यापक अनुभव और संस्थान के प्रति समर्पण ICSI के भविष्य के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।