हीट स्ट्रोक: क्या सिर्फ धूप से ही लू लगती है? जानिए इसके कारण और बचाव के तरीके
गर्मी के दिनों में हीट स्ट्रोक यानी लू लगना एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन जाती है। अक्सर यह समझा जाता है कि केवल तेज धूप में रहने से ही लू लगती है, लेकिन वास्तविकता इससे कहीं अधिक जटिल है। लू का संबंध सिर्फ सूरज की रोशनी से नहीं, बल्कि हमारी दिनचर्या और कुछ आदतों से भी गहरा जुड़ा हुआ है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर लू क्यों लगती है और इसके लक्षण क्या होते हैं।
लू लगने के शुरुआती लक्षण
हीट स्ट्रोक के लक्षणों को समय रहते पहचानना बहुत जरूरी है, क्योंकि यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है। इसके मुख्य संकेतों में तेज बुखार, सिर में दर्द, चक्कर आना, जी मिचलाना या उल्टी होना शामिल है। त्वचा का बहुत गर्म और सूखा हो जाना, पसीना आना बंद हो जाना, दिल की धड़कन का तेज होना और कमजोरी महसूस होना भी इसके लक्षण हैं। कई बार व्यक्ति भ्रमित या चिड़चिड़ा भी हो सकता है। गंभीर स्थिति में बेहोशी आ सकती है और तंत्रिकाओं तथा अंगों पर बुरा असर पड़ सकता है। अगर ऐसे कोई भी लक्षण दिखें तो तुरंत व्यक्ति को ठंडी जगह पर ले जाएं, पानी पिलाएं, शरीर को ठंडा करने की कोशिश करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
धूप के अलावा भी हैं ये कारण
लू केवल तेज धूप में रहने से ही नहीं, बल्कि कई अन्य वजहों से भी लग सकती है। नीचे उन मुख्य कारणों का उल्लेख किया गया है:
पानी की कमी
गर्मियों में शरीर से पसीने के रूप में बहुत अधिक पानी निकलता है। अगर इस दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पिया जाए तो शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है। डिहाइड्रेशन के कारण शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं रह पाता और चक्कर, कमजोरी तथा सिरदर्द जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। लंबे समय तक पानी की कमी बनी रहे तो हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
गलत खान-पान
अत्यधिक मसालेदार, तला-भुना और भारी भोजन शरीर के अंदर गर्मी बढ़ा देता है। ऐसे भोजन को पचाने के लिए शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे शरीर का तापमान बढ़ सकता है। इससे लू लगने की संभावना और अधिक हो जाती है। गर्मियों में हल्का, ताजा और पौष्टिक भोजन करना ज्यादा फायदेमंद रहता है।
गर्म और बंद जगह पर लंबा समय बिताना
सीधे सूरज की रोशनी में या बहुत गर्म और हवा रहित स्थान पर लंबे समय तक रहने से शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है। अगर शरीर को ठंडा होने का पर्याप्त मौका न मिले तो हीट स्ट्रोक की स्थिति पैदा हो सकती है। यह स्थिति कभी-कभी बेहद गंभीर रूप ले सकती है, इसलिए ऐसी जगहों पर जाने से बचना चाहिए या उचित सावधानी बरतनी चाहिए।
- हमेशा हल्के रंग के और ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें।
- दिन के सबसे गर्म समय, खासकर दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच, बाहर निकलने से बचें।
- प्यास न लगने पर भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें।
- बाहर जाते समय सिर को टोपी, छाते या गीले कपड़े से ढककर रखें।
- गर्मी में शराब, कैफीन और अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों से परहेज करें।
लू से बचाव के लिए सिर्फ धूप से बचना ही काफी नहीं है, बल्कि अपनी जीवनशैली और खान-पान पर भी ध्यान देना जरूरी है। सही जानकारी और सावधानी से इस गंभीर समस्या से बचा जा सकता है।