सीबीएसई पोर्टल पर साइबर हमले विफल, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपने पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल को निशाना बनाकर किए गए साइबर हमलों के मामले में दिल्ली पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। बोर्ड ने बताया कि पिछले तीन दिनों में पोर्टल पर कई समन्वित और सुनियोजित हमले हुए, लेकिन इन सभी को समय रहते नाकाम कर दिया गया। किसी भी प्रकार का डेटा लीक या सुरक्षा उल्लंघन नहीं हुआ।
सीबीएसई ने 5 जून 2026 को जारी एक बयान में कहा कि इस मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) इकाई को दी गई है। बोर्ड ने पूरे मामले की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की धारा 66 और 43(एफ) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है।
दो जून को शुरू हुआ था पोर्टल
सीबीएसई ने हाल ही में 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों के लिए पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल लॉन्च किया था। इस पोर्टल के जरिए छात्र उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन, पुनर्मूल्यांकन और अन्य परिणाम संबंधित सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
बोर्ड के अनुसार, पोर्टल शुरू होने के बाद से पिछले तीन दिनों में इस पर लगातार साइबर हमले किए गए। इन हमलों के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से पोर्टल की ओर बड़ी मात्रा में संदिग्ध और दुर्भावनापूर्ण इंटरनेट ट्रैफिक भेजा गया।
हमलावरों का उद्देश्य क्या था?
सीबीएसई का कहना है कि हमलावरों का मुख्य उद्देश्य पोर्टल की कार्यप्रणाली को बाधित करना, वास्तविक उपयोगकर्ताओं की पहुंच को रोकना और अनधिकृत तरीके से जानकारी हासिल करने का प्रयास करना था। बोर्ड ने यह भी कहा कि हमलों की प्रकृति और पैमाने को देखते हुए यह एक संगठित साइबर गतिविधि प्रतीत होती है, जिसकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।
डेटा पूरी तरह सुरक्षित
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि लगातार साइबर हमलों के बावजूद उसके सिस्टम और डेटाबेस पूरी तरह सुरक्षित रहे। बोर्ड के अनुसार, किसी भी छात्र या उपयोगकर्ता के डेटा में सेंधमारी नहीं हुई और न ही कोई संवेदनशील जानकारी लीक हुई है। बोर्ड ने कहा कि उसकी साइबर सुरक्षा व्यवस्था ने सभी हमलों को सफलतापूर्वक रोक दिया और किसी भी प्रकार की अनधिकृत पहुंच को रोका गया।
चौबीस घंटे निगरानी से रोके गए हमले
सीबीएसई ने बताया कि साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की 24×7 निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र के कारण इन हमलों को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। इस दौरान कई प्रमुख संस्थानों और सरकारी एजेंसियों ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। इनमें शामिल हैं:
- आईआईटी कानपुर
- आईआईटी मद्रास
- डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन
- इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C)
- CERT-In
- अन्य केंद्रीय सरकारी एजेंसियां
जांच शुरू
बोर्ड ने कहा है कि साइबर हमलों के स्रोत, उद्देश्य और जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई है। दिल्ली पुलिस की IFSO इकाई मामले की जांच करेगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि पोर्टल सामान्य रूप से काम कर रहा है और पोस्ट-रिजल्ट सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी रहेंगी।