गुजरात बोर्ड परीक्षा 2026: दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं शुरू, पंद्रह लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल
गुजरात माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (GSEB) की दसवीं और बारहवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं गुरुवार, 26 फरवरी 2026 से पूरे राज्य में शुरू हो गई हैं। इस वर्ष इन परीक्षाओं में पंद्रह लाख से अधिक छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए हैं।
परीक्षा का समय और नियम
गुजरात बोर्ड की एसएससी (दसवीं) परीक्षा सुबह दस बजे से दोपहर एक बजकर पंद्रह मिनट तक आयोजित की जाएगी। वहीं, एचएससी (बारहवीं) की परीक्षा सुबह साढ़े दस बजे से दोपहर एक बजकर पैंतालीस मिनट तक चलेगी। परीक्षार्थियों को निर्धारित समय से कम से कम आधा घंटा पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। प्रवेश पत्र के बिना किसी भी छात्र को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं होगी।
राज्य सरकार की तैयारी और सुरक्षा
राज्य की शिक्षा मंत्री रिवाबा जडेजा ने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि शिक्षा विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन ने मिलकर परीक्षा के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार किया है। छात्रों की किसी भी समस्या के समाधान के लिए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।
विषयवार परीक्षा तिथियां
गुजरात बोर्ड ने परीक्षाओं का एक निर्धारित कार्यक्रम जारी किया है। प्रमुख विषयों की परीक्षाएं निम्नलिखित तिथियों पर होंगी:
- 26 फरवरी 2026: भौतिक विज्ञान
- 28 फरवरी 2026: रसायन विज्ञान
- 6 मार्च 2026: अंग्रेजी (द्वितीय भाषा)
- 7 मार्च 2026: अंग्रेजी (प्रथम भाषा)
- 9 मार्च 2026: गणित
- 11 मार्च 2026: कंप्यूटर विज्ञान
- 12 मार्च 2026: गुजराती, हिंदी, मराठी, उर्दू, सिंधी, तमिल (मातृभाषा)
- 13 मार्च 2026: गुजराती, हिंदी (द्वितीय भाषा), संस्कृत, फारसी, अरबी, प्राकृत, कंप्यूटर शिक्षा (सिद्धांत)
- 18 मार्च 2026: जीवविज्ञान
उत्तीर्ण होने के लिए आवश्यक अंक
गुजरात बोर्ड की दसवीं और बारहवीं परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए छात्रों को न्यूनतम ‘डी’ ग्रेड प्राप्त करना अनिवार्य है। यह ग्रेड 33 से 40 अंकों के बीच होता है। इसका मतलब है कि विद्यार्थियों को प्रत्येक विषय में 100 में से कम से कम 33 अंक हासिल करने होंगे। जिन छात्रों को सैद्धांतिक परीक्षा में 33 से कम अंक मिलते हैं या उन्हें ई1 या ई2 ग्रेड प्राप्त होता है, उन्हें उत्तीर्ण होने के लिए सुधार या पूरक परीक्षा में शामिल होना होगा। इन परीक्षाओं के माध्यम से छात्र अपने अंकों में सुधार कर सकते हैं और सफल घोषित किए जा सकते हैं।
परीक्षा केंद्रों पर सख्त निगरानी
बोर्ड ने सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि या नकल करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे शांतिपूर्वक परीक्षा दें और अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें।