ग्रोक एआई विवाद: भारत के बाद ब्रिटेन में भी शुरू हुई जांच, ऑफकॉम ने उठाया सख्त कदम

एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) और उसके एआई चैटबॉट ग्रोक (Grok) पर संकट के बादल छाए हुए हैं। भारत, इंडोनेशिया और मलेशिया के बाद अब ब्रिटेन ने भी इस चैटबॉट के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। ब्रिटेन के मीडिया नियामक ऑफकॉम (Ofcom) ने औपचारिक रूप से जांच शुरू कर दी है कि क्या ग्रोक एआई अश्लील और आपत्तिजनक डीपफेक तस्वीरें बनाकर सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन कर रहा है।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने बताया “घिनौना”

यह विवाद तब और बढ़ गया जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इन एआई-जनरेटेड तस्वीरों को “घिनौना” और “गैरकानूनी” करार दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि एक्स को अपने एआई टूल पर सख्त नियंत्रण रखना होगा। साथ ही, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर ऑफकॉम को कार्रवाई के लिए सरकार का पूरा समर्थन मिलेगा। नियामक ऑफकॉम अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या एक्स ने ब्रिटिश उपयोगकर्ताओं, विशेषकर बच्चों को इस प्रकार के अवैध कंटेंट से बचाने के लिए पर्याप्त उपाय किए हैं। नियमों के अनुसार, किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के लिए अवैध कंटेंट को रोकना और उसकी सूचना मिलते ही उसे हटाना अनिवार्य है।

टेक्नोलॉजी मंत्री का सख्त रुख

ब्रिटेन की टेक्नोलॉजी मंत्री लिज केंडल ने ऑफकॉम की जांच का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने हाल ही में सामने आए कंटेंट को “बेहद परेशान करने वाला” बताते हुए इस पर त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।

एक्स पर हो सकती है बड़ी कार्रवाई

ऑफकॉम ने संकेत दिया है कि यदि नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया जाता है, तो एक्स पर कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इनमें संभावित कार्रवाइयां इस प्रकार हैं:

  • भुगतान सेवाओं और विज्ञापनों पर रोक लगाना
  • ब्रिटेन में प्लेटफॉर्म को पूरी तरह से ब्लॉक करना
  • अन्य कानूनी कार्रवाइयां

कई देशों में ग्रोक एआई पर उठे सवाल

ग्रोक एआई की इमेज जनरेशन क्षमता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। फ्रांस ने एक्स के खिलाफ अभियोजकों और नियामकों से शिकायत दर्ज कराई है और इस कंटेंट को स्पष्ट रूप से गैरकानूनी बताया है। भारत में भी सरकार ने एक्स से इस मामले में जवाब मांगा था। हाल ही में इंडोनेशिया और मलेशिया ने ग्रोक तक पहुंच को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया था। इन देशों में बिना सहमति के बनाई गई अश्लील एआई तस्वीरों के वायरल होने के बाद जनता में भारी नाराजगी देखी गई। यह पहला अवसर है जब किसी सरकार ने ग्रोक एआई पर सीधा प्रतिबंध लगाया है।

भारत में एक्स ने स्वीकार की गलती

भारत सरकार के सूत्रों के अनुसार, आईटी मंत्रालय की चेतावनी के बाद एक्स ने अपनी गलती स्वीकार की और भारतीय कानूनों का पालन करने का आश्वासन दिया। एक्स ने कार्रवाई करते हुए अब तक लगभग 3,500 आपत्तिजनक कंटेंट हटाए हैं और 600 से अधिक अकाउंट्स को डिलीट किया है। एक्स की सेफ्टी टीम का कहना है कि प्लेटफॉर्म बच्चों से जुड़े यौन शोषण वाले कंटेंट को तुरंत हटाता है, ऐसे अकाउंट्स को स्थायी रूप से निलंबित करता है और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करता है।

एक्स की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति

मस्क की कंपनी एक्स का दावा है कि वे अवैध कंटेंट को तुरंत हटाते हैं और बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक मटेरियल (CSAM) के प्रति उनकी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है। हाल ही में कंपनी ने ग्रोक के फोटो बनाने वाले फीचर को केवल पैसे देने वाले उपयोगकर्ताओं तक सीमित कर दिया है। हालांकि, जब इस जांच के बारे में मस्क की कंपनी xAI से पूछा गया, तो उन्होंने इसे “पुराने मीडिया का झूठ” कहकर खारिज कर दिया।