डिजिटल धोखाधड़ी से बचना हुआ आसान, सरकार लेकर आई निःशुल्क साइबर सुरक्षा पाठ्यक्रम
आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन ठगी के तरीके दिन-ब-दिन बदल रहे हैं। पहले जहां लोग नकली ईमेल या फर्जी वेबसाइटों से सावधान रहते थे, वहीं अब साइबर अपराधी नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। कभी केवाईसी अपडेट के नाम पर लिंक भेजे जाते हैं, तो कभी बैंक अधिकारी बनकर कॉल की जाती है। नौकरी के झूठे ऑफर, फर्जी व्हाट्सएप संदेश और क्रेडिट कार्ड अपग्रेड जैसे बहानों से लोगों की बैंक जानकारी और ओटीपी हासिल करने की कोशिश की जाती है। कई बार लोग कुछ ही मिनटों में अपनी सारी जमा पूंजी गंवा बैठते हैं। इन बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भारत सरकार ने नागरिकों को डिजिटल रूप से सजग बनाने के लिए एक विशेष पहल शुरू की है।
गृह मंत्रालय के तहत तैयार हुआ यह निःशुल्क पाठ्यक्रम
यह मुफ्त साइबर सुरक्षा पाठ्यक्रम गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा विकसित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों को इंटरनेट की दुनिया में सुरक्षित रहने के गुर सिखाना है। सरकारी विभाग के अनुसार, साइबर अपराधी लगातार अपनी रणनीति बदल रहे हैं। ऐसे में केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि लोगों की जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा कवच बन सकती है। इसी दृष्टिकोण के साथ इस पाठ्यक्रम को डिजाइन किया गया है।
हर वर्ग के लोगों के लिए उपलब्ध
I4C की यह पहल केवल तकनीकी पेशेवरों तक सीमित नहीं है। यह पाठ्यक्रम छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, सरकारी कर्मचारियों और वरिष्ठ नागरिकों समेत हर उस व्यक्ति के लिए बनाया गया है, जो इंटरनेट और डिजिटल भुगतान का उपयोग करता है। साइबरडॉस्ट के सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, यह कोर्स पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध है और इसे घर बैठे आसानी से पूरा किया जा सकता है।
पाठ्यक्रम में क्या सिखाया जाएगा?
इस पाठ्यक्रम में रोजमर्रा की डिजिटल जिंदगी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातों को शामिल किया गया है। प्रतिभागियों को सिखाया जाएगा कि:
- अपनी व्यक्तिगत जानकारी को कैसे सुरक्षित रखें
- नकली लिंक और संदिग्ध संदेशों को कैसे पहचानें
- धोखाधड़ी वाली कॉल से खुद को कैसे बचाएं
- सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग कैसे करें
- डिजिटल भुगतान के दौरान किन सावधानियों की जरूरत है
- बैंकिंग धोखाधड़ी और पहचान चोरी जैसे मामलों को कैसे समझें
सरकार का मानना है कि अगर लोग छोटी-छोटी ऑनलाइन चालों को समय रहते पहचानना सीख जाएं, तो बड़े साइबर अपराधों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
सिर्फ ढाई घंटे में पूरा होगा पाठ्यक्रम
इस साइबर सुरक्षा पाठ्यक्रम की अवधि लगभग ढाई घंटे रखी गई है। यानी लोग कम समय में ही जरूरी साइबर सुरक्षा कौशल सीख सकते हैं। पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद प्रतिभागियों को एक डिजिटल प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा, जिसे वे अपने प्रोफाइल या बायोडाटा में शामिल कर सकते हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे खुद साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसकी जानकारी दें।