एंड्रॉयड फोन में आ रहा है वेरिफाइड कॉलर फीचर, फर्जी कॉल पर लगेगा अंकुश

डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच गूगल एंड्रॉयड यूजर्स के लिए एक नया सुरक्षा उपाय लाने जा रहा है। यह वेरिफाइड कॉलर फीचर खास तौर पर उन फर्जी कॉल्स को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है, जिनमें स्कैमर्स बैंक या सरकारी विभागों के नंबरों का सहारा लेते हैं। यह सिस्टम गूगल प्ले सर्विसेज का हिस्सा होगा, जिससे यह लगभग सभी एंड्रॉयड स्मार्टफोन पर काम करेगा।

क्यों जरूरी है यह फीचर?

देश और दुनिया में साइबर ठगों द्वारा नंबर स्पूफिंग एक आम तरीका बन गया है। इस तकनीक में कॉल करने वाला अपना नंबर इस तरह दिखाता है जैसे वह किसी बैंक, सरकारी हेल्पलाइन या किसी विश्वसनीय संस्था का हो। असल में वह कॉल धोखाधड़ी के इरादे से की जाती है। ऐसे में आम लोग आसानी से इसके झांसे में आ जाते हैं और अपनी निजी जानकारी या पैसे गंवा बैठते हैं। यह नया फीचर इसी समस्या का स्थायी हल पेश करता है।

कैसे काम करेगा यह सिस्टम?

रिपोर्ट के अनुसार, एंड्रॉयड फोन आने वाली कॉल को एक डेटाबेस से मिलान करेगा। खासतौर पर DNO यानी Do-Not-Originate नंबरों की जांच की जाएगी। ये वे नंबर होते हैं जो केवल कॉल रिसीव करने के लिए बने होते हैं, जैसे बैंक की हेल्पलाइन या सरकारी सेवा नंबर। अगर ऐसे किसी नंबर से कॉल आती है, जो मूल रूप से कॉल करने के लिए नहीं बना है, तो फोन तुरंत उसे संदिग्ध बताकर यूजर को सचेत कर देगा।

सभी एंड्रॉयड फोन पर होगा उपलब्ध

इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पहले केवल गूगल के अपने फोन एप तक सीमित था, लेकिन अब यह पूरे एंड्रॉयड सिस्टम का हिस्सा बन जाएगा। चाहे आप सैमसंग, वीवो, रियलमी या वनप्लस जैसे किसी भी ब्रांड का फोन इस्तेमाल करें, यह सुरक्षा सुविधा आपको मिलेगी। इससे अधिक से अधिक यूजर्स को फर्जी कॉल से बचाव मिल सकेगा।

फोन हो जाएगा और स्मार्ट

इस फीचर को अलग से इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं है। यह आपके फोन में पहले से मौजूद रहेगा। बैंकिंग एप्स अपने असली नंबर सिस्टम के साथ शेयर कर सकेंगे, जिससे पहचान और भी सटीक हो जाएगी। इसके अलावा यूजर्स को कई अन्य लाभ भी होंगे, जैसे:

  • फर्जी और स्पूफ्ड कॉल्स से पूरी सुरक्षा।
  • बैंक खाते और निजी डेटा की सुरक्षा।
  • कॉल उठाने से पहले ही संभावित धोखाधड़ी की चेतावनी।
  • डिजिटल फ्रॉड के खतरे में उल्लेखनीय कमी।